शहर में व्यावसायिक रसोई गैस सिलिंडरों का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। शहर में कई गैस एजेंसियों के गोदामों में ताले लटके हैं, वहीं घरेलू गैस सिलिंडरों की ऑनलाइन बुकिंग नहीं हो रही है। व्यावसायिक गैस सिलिंडर न मिलने से रेस्टोरेंट, होटल और ढाबे बंद हो गए हैं। संवाददाता सुमित ठाकुर ने इसका जायजा लिया। पेश है ग्राउंड रिपोर्ट :-
इस्राइल, अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध से शिमला शहर में व्यावसायिक के साथ घरेलू गैस सिलिंडर की ऑनलाइन बुकिंग नहीं हो पा रही है। शहर में वीरवार को हालात ऐसे हो गए जब लोगों की बुकिंग नहीं हो पाई तो लोगों ने गैस एजेंसियों के चक्कर लगाने शुरू कर दिए। इससे हिमलैंड समेत अन्य गैस एजेंसियों के बाहर लंबी लाइनें लग गईं।
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लोगों ने कहा कि बुकिंग की डेट होने के बाद भी गैस सिलिंडर नहीं मिल पा रहे हैं। दूसरी ओर व्यावसायिक गैस सिलिंडर लेने के लिए इक्का-दुक्का कारोबारी ही गैस एजेंसियों के गोदामों के बाहर पहुंच थे लेकिन गोदामों में ताले लटके नजर आए। इसके बाद यह कारोबारी आधे घंटे के इंतजार के बाद मायूस होकर लौट गए। राजधानी में व्यावसायिक सिलिंडरों की किल्लत के बाद अब घरेलू गैस सिलिंडरों की बुकिंग न होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
गैस एजेंसियों में जहां 200 से 250 लोगों की बुकिंग लंबित चल रही है। इसका कारण सर्वर न चलना बताया जा रहा है। इसके अलावा व्यावसायिक गैस सिलिंडर न मिलने से लक्कड़ बाजार, मिडिल बाजार और ढली समेत कई छोटे बड़े होटल, रेस्टोरेंट तथा ढाबे बंद हो गए हैं। कुछ रेस्टोरेंट में अब इंडक्शन पर ही वर्करों के लिए खाना बनाया जा रहा है। इसके अलावा कुछ जगहों पर केवल सेंडविच और हल्का नाश्ता देकर ही पर्यटकों का पेट भरा जा रहा है। शहरवासियों और कारोबारियों ने प्रशासन से कारोबारियों के लिए भी गैस सप्लाई उपलब्ध करवाने की मांग की है।
एजेंसी से भेज रहे गोदाम
घरेलू गैस सिलिंडर की हिमलैंड एजेंसी में बुकिंग करवाई थी। एजेंसी गया तो वहां से कहा कि गाड़ी गोदाम में है। वहां जाकर गैस सिलिंडर लें लेकिन बीस मिनट इंतजार के बाद भी गैस सिलिंडर देने के लिए कोई कर्मचारी यहां नहीं आया है। -घनश्याम, निवासी रझाणा
एक सप्ताह से नहीं हुई गैस बुक
एक सप्ताह से गैस बुक कर रहा हूं लेकिन इसकी बुकिंग नहीं हो रही है। तीन दिन की गैस सिलिंडर में बची है। ऐसे में दिक्कत न हो इसलिए यहां आया था लेकिन समाधान के बजाय उलझन में ही डाल दिया।- मेदराम, निवासी लोअर खलीनी
चार लोगों का परिवार पालना मुश्किल
परिवार में मेरे समेत चार लोग हैं। मोमोज बेचकर ही परिवार पालता हूं। अब गैस सिलिंडर नहीं मिल रहे हैं। परिवार पालने के लिए अब दूसरी व्यवस्था करनी होगी। प्रशासन इसका समाधान करे।- वीरू, कारोबारी
अब बाहर से मंगवा रहे खाना
व्यावसायिक सिलिंडर खत्म है। यहां ठहरे लोगों को सैंडविच देकर ही उनका पेट भर रहे है। वहीं अगर जरूरत है तो बाहर से खाना मंगवाकर भी पर्यटकों को उपलब्ध करवा रहे हैं। ऐसा ही रहा तो आने वाले दिनों में समस्या गंभीर हो जाएगी। -विक्की, रेस्टोरेंट, मैनेजर, लक्कड़ बाजार
मिट्टी तेल और कोयला करवाएंगे उपलब्ध
होटल, रेस्टोरेंट और अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को विकल्प के रूप में मिट्टी तेल तथा कोयला उपलब्ध करवाया जाएगा। इसको लेकर वह अपनी मांग खाद्य आपूर्ति विभाग को दे सकते हैं। इससे मांग के अनुसार मिट्टी तेल और कोयले की आपूर्ति की जाएगी। यह सभी विकल्प पर्याप्त मात्रा में स्टॉक में उपलब्ध है। नियमित रूप से इसकी आपूर्ति की जा सकती है। -नरेंद्र धीमान, जिला नियंत्रक, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले