प्रदेश्ा सचिवालय के सामने रोजाना हजारों लीटर पानी सड़क पर बहता है। कर्मचारियों के मुताबिक पाइप से हवा निकालने के लिए ऐसा किया जाता है।
पानी के व्यर्थ बहने का यह सिलसिला लंबे समय से चला आ रहा है। रोजाना सुबह सचिवालय के सामने की सड़क पानी से तर रहती है।
गाड़ियों के गुजरने से पानी के छींटे पैदल चलने वालों पर गिरते हैं। आलम यह है कि एक ओर जहां शहर के कई इलाकों में लोगों को पीने का पर्याप्त पानी नहीं मिलता वहीं दूसरी ओर पाइप की हवा निकालने के लिए हजारों लीटर पानी सड़क पर व्यर्थ बहा दिया जाता है।
छोटा शिमला निवासी राकेश ठाकुर, दीपक कुमार और श्याम लाल का कहना है कि पानी रोजाना सुबह करीब आधा घंटा सड़क पर बहता रहता है। पानी बहने से पैदल चलने वाले लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है।
टैक्सी चालक सुनील कुमार, बबलू और राकेश ठाकुर ने कहा कि सड़क में बहते पानी से स्कूली बच्चों को गाड़ी में बैठाने में भी परेशानी होती है, पानी से दूर गाड़ी लगा बच्चों को बैठाना पड़ता है। पानी के लगातार बहने से सड़क को भी नुकसान पहुंच रहा है।
सड़क पर व्यर्थ बहता पानी, प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कई सवाल उठा रहा है, क्या ऊपर बने भवनों में पानी पहुंचाने के लिए हजारों लीटर अमूल्य पानी को व्यर्थ बहाना जरूरी है। पाइपें अगर रोज हवा ले लेती हैं तो अब तक उसका समाधान क्यों नहीं किया गया।
लोनिवि के सहायक अभियंता टीआर शर्मा ने कहा कि यहां टैंक से पानी लोनिवि खुद सचिवालय के ऊपर बनी उनके विभाग की कॉलोनी को छोड़ता है। पानी अगर व्यर्थ में बह रहा है तो मंगलवार को मौके पर जाकर जांच होगी।