पंजाब के पठानकोट के एक निजी अस्पताल में मुफ्त आई चेकअप कैंप से भेजे गए 60 मरीजों में से नौ की मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद आंखों की रोशनी चले जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। शनिवार को मामले को लेकर कुछ ग्रामीणों ने पठानकोट शहर के सैली रोड स्थित डा. सलारिया आई अस्पताल के बाहर प्रदर्शन किया।
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इस प्रकरण में शनिवार को हंगामे के बाद स्वास्थ्य विभाग कांगड़ा ने एक जांच कमेटी बना दी गई है। बताते चलें कि कांगड़ा के कंडवाल में नागनी माता मंदिर कमेटी की ओर से मुफ्त कैंप 22 से 29 मार्च 2014 में लगाया गया था।
कैंप में जांच के बाद 60 को ऑपरेशन के लिए पठानकोट के एक निजी अस्पताल में भेजा गया था। इसके बाद 17 मरीजों ने आयोजनकर्ता कमेटी से ऑपरेशन के बाद आंखों की रोशनी जाने की शिकायत की।
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इसके बाद मरीजों के जांलधर के एक अस्पताल में दोबारा ऑपरेशन करवाए गए, लेकिन उनमें से नौ की आंखों की रोशनी वापस नहीं आई। आंखें गंवाने वालों में चार हिमाचल जबकि पांच पंजाब के बताए जा रहे हैं। शुक्रवार को पीडि़तों के पठानकोट में प्रदर्शन के बाद यह मामला प्रकाश में आया था।
इन मरीजों की गई आंखें
कौशल्या देवी, रोशन लाल, कांता देवी निवासी डमटाल, कांगड़ा, कंसो देवी निवासी जवाली कांगड़ा, हिमाचल और बह्मो देवी निवासी चक्कड़, माशू राम निवासी हरियाल, धर्मपाल, बुद्धि सिंह निवासी दुनेरा, रघुवीर सिंह निवासी ढांगू, पठानकोट, पंजाब ने आंखों की रोशनी जाने की शिकायत की है।
मंदिर कमेटी की शिकायत मिलने पर तुरंत हरकत में आते हुए सीएमओ कांगड़ा बीएम गुप्ता ने मामले की जांच के लिए डॉ. एसके शर्मा की अध्यक्षता में कमेटी बनाई।
डॉ. एसके शर्मा ने अपनी टीम सहित शुक्रवार को पीडि़त मरीजों की जांच करने के साथ उनसे मामले की जानकारी ली। इसके अलावा निजी अस्पताल में व्यवस्थाओं की भी जांच की गई।
17 को थी शिकायत, नौ की नहीं लौटी रोशनी
नागणी माता मंदिर कमेटी के प्रधान हरि सिंह का कहना है कि शिविर में 550 रोगियों की जांच की गई थी। जांच के दौरान मोतियाबिंद के ऑपरेशन करने के लिए 60 रोगियों को चुना गया।
इन रोगियों के पठानकोट के एक निजी अस्पताल में कमेटी ने खर्चा वहन करके निशुल्क ऑपरेशन करवाए। ऑपरेशन के बाद 17 रोगियों की आंखों में तकलीफ पाई गई। कुछ दिनों में इनकी आंखों की रोशनी चली गई।
इस बात का पता चलने पर मंदिर कमेटी ने तुरंत हरकत में आकर 17 रोगियों की आंखों की जालंधर के प्रमुख नेत्र चिकित्सालय में जांच करवाई। इस दौरान सभी 17 रोगियों के दोबारा ऑपरेशन करवाए गए। इनमें से नौ रोगियों की आंखों में फिर भी रोशनी नहीं आ पाई। इसके बाद प्रबंधक कमेटी ने स्वास्थ्य विभाग को सूचित किया।
पठानकोट में बवाल
शनिवार को पठानकोट में शिवसेना (बाल ठाकरे) के प्रदेश प्रधान योगराज शर्मा की मौजूदगी में प्रदर्शनकारियों ने जमकर हंगामा काटा। इस बीच योगराज शर्मा के साथ डा. अमित सलारिया की पत्नी निम्मी सलारिया के साथ नोकझोंक भी हुई।
बताया जाता है कि इस बीच निम्मी सलारिया ने योगराज शर्मा को थप्पड़ जड़ दिया। इससे प्रदर्शनकारी और भड़क उठे। शिवसेना (बाल ठाकरे) के प्रदेश प्रधान योगराज शर्मा ने कहा कि उन्हें पठानकोट में प्रदर्शन के दौरा थप्पड़ जड़ने वाली डॉक्टर की पत्नी के खिलाफ वे दुर्व्यवहार का मामला दर्ज कराएंगे।
पठानकोट। मामले में आरोपों का सामना कर रहे डा. अमित सलारिया ने बताया कि मरीजों का चेकअप करने के बाद उनका ऑपरेशन किया गया था।
उन्होंने बताया कि मरीजों की आंखों का ऑपरेशन सही तरीके से किया गया था। बाद में कुछ मरीजों ने आंख की रोशनी जाने की शिकायत की थी। जांच करने पर पाया गया कि आंखों की रोशनी इंफेक्शन के कारण गई थी।
सीएमओ कांगड़ा डा. बीएम गुप्ता शिविर के लिए हर साल विभाग अनुमति देता है। इस बार कुछेक मरीजों की आंखों की रोशनी वापस नहीं आने की प्रबंधक कमेटी की शिकायत पर जांच के आदेश दिए गए थे। निजी अस्पताल की भी जांच की गई है। नेत्र रोग विशेषज्ञ एवं सर्जन डा. एसके शर्मा इस मामले की जांच रिपोर्ट को जल्द प्रेषित करेंगे।