फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हिमाचल विधानसभा में गोवंश संरक्षण सहित चार विधेयक पारित

Sat, 15 Dec 2018 10:42 AM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तपोवन (धर्मशाला)
विज्ञापन
विज्ञापन

भले ही बीते दिन गाय को राष्ट्रीय माता घोषित के संकल्प प्रस्ताव का पक्ष और विपक्ष ने सर्वसम्मति से समर्थन किया, लेकिन सत्र के पांचवें दिन सदन में विपक्ष के विरोध के बीच गोवंश संरक्षण और संवर्धन विधेयक पारित हुआ।

विज्ञापन


इसके अलावा नशे के खिलाफ सख्ती बरतने वाला संशोधित एनडीपीएस, चिट फंड कंपनियों के खिलाफ निवेशकों के हित का संरक्षण संशोधन विधेयक और जीएसटी संशोधन बिल विधानसभा में चर्चा के बाद बहुमत से पारित कर दिए गए।

अब ये विधेयक स्वीकृति के लिए राज्यपाल को भेजे जाएंगे। इसके बाद कानून का रूप ले लेंगे। सदन में शुक्रवार को विपक्ष के हल्के विरोध के बावजूद गोवंश संरक्षण और संवर्धन विधेयक पारित हो गया। कांग्रेस विधायक हर्षवर्धन ने गोरक्षा आयोग बनाने की सरकार की मंशा पर सवाल उठाया।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि हम गाय के विरोधी नहीं हैं, लेकिन, लगता है सरकार इस आयोग का गठन राजनीतिक लोगों के लिए नए पद सृजित करने की मंशा से कर रही है। भाजपा का पहला राम और दूसरा गाय एजेंडा है। 

Trending Videos
विज्ञापन

गोवंश संरक्षण पर विपक्ष ने उठाए ये सवाल

 गोरक्षा के लिए आयोग गठन और उसे राष्ट्रमाता का दर्जा देकर भाजपा सरकार अपने हाईकमान को संदेश देना चाहती है कि वह गाय की रक्षा कर रही है। हर्षवर्धन ने कहा कि इस आयोग के गठन से सरकार एक सफेद हाथी खड़ा कर रही है।

शिमला में आयोग के दफ्तर से हिमाचल के गोसदनों की निगरानी कैसे होगी। विधायक जगत सिंह नेगी ने कहा कि पशु अस्पतालों में डॉक्टरों को बैठने की जगह तो है नहीं, ऐसे में गाय के संरक्षण के लिए आयोग का गठन समझ से परे है।

स्कूलों की हालत खस्ता है लेकिन कई गोसदनों के भवन आलीशान तरीके से बनाए गए हैं। 50 हजार के कर्ज में डूबी सरकार को आयोग के गठन की नहीं बल्कि विभाग को सशक्त करने की जरूरत है। विधायक राकेश पठानिया ने कहा कि विधेयक अच्छा है।

लेकिन, इसमें बनाई गई कमेटी में विषय के विशेषज्ञों लोगों को शामिल किया जाना चाहिए था। चेयरमैन और वाइस चेयरमैन विशेषज्ञ लोग बनाए जाएं। विधायक राकेश सिंघा ने कहा कि इस बिल में कई प्रावधान सही नहीं है।

चेयरमैन और वाइस चेयरमैन बनाने का संदेश गलत जाएगा। पशुपालन मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि अभी तो यह शुरूआत है। कोर्ट ने हर पंचायत में गोसदन बनाने के लिए कहा था। ऐसा संभव नहीं है। इसलिए, इस आयोग के गठन से गाय संरक्षित होगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें