जैसे ही विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने इनकी मौत की पुष्टि की तो सूबे के इन इलाकों में मातम छा गया। मृतकों में कांगड़ा के फतेहपुर के धमेटा का संदीप (38) पुत्र दिलाबर सिंह, धर्मशाला के पासू के अमन कुमार (31) पुत्र रमेश चंद, लंज की भटहेड़ पंचायत के कदरेटी गांव के इंद्रजीत (32) पुत्र परदेसी राम
और सुंदरनगर के बायला गांव निवासी हेमराज (32) पुत्र बेली राम शामिल हैं। ये सभी वर्ष 2014 से 39 भारतीयों के साथ लापता हो गए थे। सभी तारिक नूर अलहुदा कंस्ट्रक्शन कंपनी में कार्यरत थे।
इनकी 15-16 जून 2014 को अपने परिवार वालों से आखिरी बार बात हुई थी। गरीब परिवार से संबंध रखने वाले चारों कई सपने संजोकर विदेश रवाना हुए थे। संदीप के गमगीन पिता पिता दिलावर सिंह ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ रोष प्रकट किया।
इसके अलावा लंज के साथ लगती पंचायत भटहेड के कदरेटी गांव का इंद्रजीत भी इराक में 16 जून 2014 को इराक के मोसूल से इंद्रजीत लापता हो गया था। इंद्रजीत की मौत की खबर सुनने के बाद क्षेत्र में शोक की लहर है।
मौत की खबर सुनने के बाद मृतक इंद्रजीत की मां बेहोशी की हालत में हैं। मीडिया से बेटे की मौत की खबर सुनने के बाद शोक में परदेसी ने बताया कि उन्हें विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से कोई गिला शिकवा नहीं है। लेकिन, इतना दुख जरूर है कि केंद्र सरकार को पहले पता था तो बता देना चाहिए था।
हेमराज की चार साल की एक बेटी और आठ साल का एक बेटा है। उनकी मौत की खबर से पत्नी निर्मला, बेटे ध्रुव और बेटी अनन्या का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजन शोक की लहर में डूबे हैं।
जानकारी के अनुसार मंडी का हेमराज 2014 से इराक में लापता था। गमगीन माहौल में पिता बेली राम, मां रोशनी और पत्नी निर्मला की आंखों से आंसू थम नहीं रहे हैं।
धमेटा के संदीप की पत्नी चंद्रेश कुमारी के पैरों तले उस समय जमीन खिसक गई, जब उसने ड्यूटी के दौरान टीवी पर अपने पति की मौत की खबर देखी। उसकी आंखों में आंसू आ गए और वह अपने आप को संभाल नहीं पाई।
वह फतेहपुर ब्लॉक में बतौर जलवाहक कार्यरत हैं। उसे बड़ी मुश्किल से घर तक पहुंचाया गया। चंद्रेश से उसके पति संदीप की आखिरी बार 15 जून 2014 को बात हुई थी। संदीप 16 सितंबर 2013 को घर से इराक गया था।
अमन की मां बीना देवी ने बताया कि अमन इराक जाने के बाद हर शुक्रवार को उन्हें फोन करता था। परिवार से अमन को बहुत लगाव था। मां ने बताया कि 13 जून 2014 को रमन को देर रात अमन का फोन आया। उसने रमन को बताया कि हमें कुछ लोग बंदी बनाकर कहीं ले जा रहे हैं।
लेकिन, रात को अंधेरा होने से उन्हें पता नहीं चल पा रहा है कि कहां लेकर जा रहे हैं। करीब एक घंटा बात होने के बाद फोन बंद हो गया और उसके बाद अमन से कभी भी किसी की बात नहीं हुई।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने इराक के मोसुल में 39 भारतीयों की आईएसआईएस की ओर से की गई हत्या की निंदा की है, जिसमें चार लोग हिमाचल के रहने वाले हैं। ये इराक में काम करते थे। हिमाचल के मारे गए चार युवकों में से तीन कांगड़ा और एक मंडी से हैं।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस ने कहा कि तीन साल तक इन लोगों की कोई जानकारी नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने भगवान से दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करने की प्रार्थना की है।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने इराक के मसूल में चार हिमाचलियों समेत 39 भारतीयों की मृत्यु पर गहरा दुख जताया है। यह सभी भारतीय वर्ष 2014 से लापता थे, जिनका केंद्र सरकार के प्रयासों के बावजूद पता नहीं लगाया जा सका।
मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं प्रकट करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार दुख की इस घड़ी में उनके साथ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह घटना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि क्रूरतापूर्ण एवं अमानवीय कृत्य है, जिसकी घोर निंदा की जानी चाहिए।
चार हिमाचलियों में से तीन कांगड़ा जिले तथा एक मंडी जिले से था। मुख्यमंत्री ने कहा कि विदेशों में यदि कोई हिमाचली लापता है, तो राज्य सरकार उसका पता लगाने के लिए मामला केंद्र सरकार से उठाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने उनके अवशेषों को शीघ्र वापिस लाने के लिए केंद्र सरकार से संपर्क किया है। केंद्र ने सूचित किया है कि पंजाब तथा हिमाचल प्रदेश से संबंध रखने वाले मृतकों के अवशेष अमृतसर लाए जाएंगे। अमृतसर से हिमाचल प्रदेश के मृतकों के अवशेषों को उनके जन्म स्थान तक पहुंचाने के लिए तमाम प्रबंध किये जाएंगे।