सिरमौर जिले में संचालित आईआईएम (इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट) का परिसर देश में सर्वश्रेष्ठ होगा। हिमाचल की प्राचीनतम काष्ठकुणी शैली में बनने वाले परिसर में आधुनिक युग की जरूरतों को भी मुहैया करवाया जाएगा। मंगलवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, केंद्रीय शिक्षा मंत्री शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री संजय धोत्रे और केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने वीडियो कॉन्फ्रेंस से इसकी आधारशिला रखी। तीन चरणों में बनने वाले आईआईएम धौलाकुआं के पहले चरण के लिए 392.51 करोड़ व्यय किए जाएंगे।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि यह संस्थान प्रदेश के मेहनती युवाओं को कौशल निखारने का अवसर देगा। हिमाचल के मुख्य आर्थिक संसाधनों से सीधे जुड़े पर्यटन, ऊर्जा, उद्योग, इको-टूरिज्म आदि प्राकृतिक संभावनाओं के प्रभावी प्रबंधन में यह संस्थान वरदान साबित होगा। कहा कि नई शिक्षा नीति भारत को विश्व गुरु का पुराना गौरव हासिल करने में सहायक होगी।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश को ऊना में आईआईआईटी, बिलासपुर में एम्स, कांगड़ा में केंद्रीय विश्वविद्यालय व निफ्ट, मंडी में आईआईटी और हमीरपुर में एनआईटी जैसे राष्ट्रीय संस्थान होने का गौरव प्राप्त है। हिमाचल देश में शिक्षा का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। उन्होंने आईआईएम संस्थान के संपूर्ण परिसर का डिजाइन पारंपरिक हिमाचली शिल्प में तैयार करने के लिए संस्थान प्रबंधन की प्रशंसा की।
केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री संजय धोत्रे ने कहा कि संस्थान में शुरू किए जाने वाले पर्यटन और आतिथ्य के पाठ्यक्रम युवाओं को राज्य के पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र का पूरी तरह से दोहन करने में मदद करेंगे। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि आईआईएम केंद्र सरकार से राज्य और विशेष रूप से सिरमौर जिले के लिए बड़ा उपहार है। बोर्ड ऑफ गवर्नर के अध्यक्ष अजय एस. श्रीराम, निदेशक आईआईएम सिरमौर नीलू रोहमित्रा ने भी विचार रखे। शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर, सांसद सुरेश कश्यप, विधायक डॉ. राजीव बिंदल, राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के उपाध्यक्ष बलदेव तोमर भी उपस्थित थे।