हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को झटका देते हुए अनदेखी से नाराज पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा ने रविवार को पार्टी की संचालन समिति के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी को लिखे एक पत्र में उन्होंने कहा कि पार्टी में उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा था। विधानसभा चुनाव के लिए अहम बैठकों और फैसलों में उन्हें तरजीह नहीं दी जा रही।
दूसरी ओर आनंद शर्मा ने ट्वीट किया कि वह भारी मन से समिति का अध्यक्ष पद छोड़ रहे हैं। वह जीवनभर कांग्रेस सदस्य रहेंगे। हाईकमान ने शर्मा को हाल ही में प्रदेश कांग्रेस चुनाव समिति में सदस्य के रूप में भी शामिल किया है। आनंद शर्मा अब शीघ्र ही शिमला का दौरा करेंगे। पार्टी सूत्रों से मालूम हुआ है कि अप्रैल 2022 में कांग्रेस संचालन समिति के अध्यक्ष पद पर तैनाती के बाद से आनंद शर्मा ने अभी तक एक भी बैठक नहीं बुलाई, जबकि पार्टी की अन्य कमेटियों खासकर चुनाव प्रचार कमेटी, कांग्रेस चुनाव घोषणापत्र समिति और पार्टी अनुशासन समिति की बैठकें कई बार हो चुकी हैं।
आनंद शर्मा हिमाचल प्रदेश के कद्दावर नेताओं में से एक हैं। कांग्रेस अध्यक्ष को भेजे गए पत्र में उन्होंने लिखा है कि उनके स्वाभिमान को ठेस पहुंची है, क्योंकि उन्हें पार्टी की किसी भी बैठक के लिए परामर्श या आमंत्रित नहीं किया गया। गौर हो कि आनंद शर्मा वर्ष 2009 से अप्रैल 2022 तक राज्यसभा सदस्य रहे। वह पार्टी में कई प्रमुख पदों पर रहे हैं।
जी-20 समूह के प्रमुख नेता हैं आनंद
जी-23 नेताओं के समूह में शामिल रहे नेता गुलाम नबी आजाद के जम्मू-कश्मीर में अभियान समिति के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद अब इस समूह के आनंद शर्मा ने भी त्यागपत्र दिया है। हालांकि वह प्रदेश में पार्टी उम्मीदवारों के लिए प्रचार करना जारी रखेंगे। गुलाम नबी आजाद और आनंद शर्मा जी-23 समूह के प्रमुख नेता हैं, जो पार्टी नेतृत्व के फैसलों के आलोचक रहे हैं।