कांगड़ा जिले के भाजपा नेताओं के कथित भ्रष्टाचार को लेकर सोशल मीडिया में वायरल हुए पत्र के मामले में पूर्व मंत्री रविंद्र रवि ने पहली बार खुलकर अपना तर्क रखा। रवि ने कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
सरकार इस प्रकरण की तह तक जाए। जिस भी व्यक्ति ने यह पत्र लिखा और लिखने के बाद पोस्ट किया है, पहले तो कार्रवाई उस स्तर पर होनी चाहिए, जिससे प्रदेश की जनता को पता चले कि यह पत्र कहां से निकला है। उन्होंने कहा कि यह विषय इतना गंभीर नहीं था।
पालमपुर में पत्रकारों के सवालों पर उन्होंने कहा कि मामले में मेरे एक सहयोगी को भी जानबूझ कर तंग किया गया। लगता है उसके जरिये मुझे टारगेट बनाने की कोशिश की गई। इस पत्र के माध्यम से पूरे प्रदेश और देश में उनका नाम एक नकारात्मक सोच से चला गया।
वह कभी नकारात्मक सोच नहीं रखते हैं। उन्होंने पत्र की जांच के एक सवाल पर कहा कि यह पत्र अब निकल चुका है। इसके आरोपों की जांच करना न करना सरकार को देखना है।
वह पिछले 28 सालों से सक्रिय राजनीति में हैं। मात्र राजनीति करना ही उनका ध्येय नहीं, बल्कि जनसेवा करना है। आज तक उन्होंने किसी पर ऐसा कोई आरोप नहीं लगाया न ही ऐसी उनकी मंशा रही।
उन्होंने यह भी कहा कि यह पत्र अभी से नहीं चला है। यह पत्र कई लोगों ने 22 दिन पहले ही पढ़ लिया था। सरकार को उस वक्त ही इस पर कार्रवाई करनी चाहिए थी।