भाजपा के पूर्व मंत्री रविंद्र रवि ने कहा कि पुलिस सरकार के दबाव में काम कर रही है। देहरा के पीडब्ल्यूडी विश्राम गृह में बीजेपी मंडल की बैठक में पहुंचे रवि ने सेंट्रल यूनिवर्सिटी देहरा के लिए साढ़े तीन करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी होने पर केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर का धन्यवाद किया और कार्यकर्ताओं के बीच लड्डू बांटे। रवि ने कहा कि सरकार के दबाव में पुलिस ने मुझ पर कार्रवाई की है। 10 दिन पहले एसपी कांगड़ा से मैने पूछा था कि मेरा मोबाइल कब वापस किया जाएगा।
एसपी ने कहा था कि अभी दो महीने और लग सकते हैं। ऐसे में पुलिस ने मुझे दो महीने कहकर 10 दिन में रिपोर्ट कैसे जारी कर दी। मेरी मांग है कि सरकार और पुलिस वायरल पत्र की तह तक जाए। लिखने वाले और लिखवाने वाले का नाम तभी सामने आएगा। मेरे पढ़ने से पहले कई लोगों ने वायरल पत्र पढ़ा था। जिसने एफआईआर दर्ज करवाई, उसके मोबाइल को भी पुलिस जब्त करे। पुलिस जांच की दिशा यह होनी चाहिए थी कि पत्र लिखा किसने और सबसे पहले सोशल मीडिया में पोस्ट किसने किया। पत्र हमारे पास तो बाद में पहुंचा है। ऐसा लग रहा है कि पुलिस सरकार के दबाव में काम कर रही है।
दबाव में काम करने के आरोप निराधार : एसपी
पूर्व मंत्री रविंद्र रवि द्वारा पुलिस पर दबाव में काम करने के आरोप को एसपी विमुक्त रंजन ने निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि पुलिस मामले में निष्पक्ष ढंग से काम कर रही है। जो सबूत सामने आए हैं, पुलिस उनके आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है। एसपी ने कहा कि फोरेंसिक रिपोर्ट जारी करने की समयावधि फोरेंसिक प्रयोगशाला तय करती है न कि पुलिस इसके लिए अधिकृत है।