उन्होंने कहा कि नूरपुर नगर परिषद चुनाव में उन्हें दरकिनार किया गया, जिसका खामियाजा पार्टी को भुगतना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि नूरपुर में पिछले पौने चार वर्षों में कोई बड़ा विकास कार्य नहीं हो पाया है। मातृ-शिशु अस्पताल, फिन्ना सिंह नहर और कॉलेज सहित कई परियोजनाओं के कार्य लंबित पड़े हैं। पठानिया ने कहा कि उन्होंने नूरपुर नगर परिषद के लिए 5 करोड़ 75 लाख रुपये की राशि उपलब्ध करवाई थी, जबकि सांसद की ओर से बाजार के लिए केवल 30 लाख रुपये दिए गए। उन्होंने अपने कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि नूरपुर को पुलिस जिला, टिंबर डिपो, फोरेंसिक लैब सहित कई नए कार्यालय मिले। पत्रकार वार्ता में पठानिया ने कहा कि वह भाजपा के एक कर्मठ सिपाई हैं लेकिन जिस तरह के गंभीर आरोप उनके ऊपर लगाए गए, उन्हें कोसा गया और नगर परिषद चुनाव में हार का उन्हें विलेन ठहराने की कोशिश की गई, वह बर्दाश्त नहीं होगा। इससे पूर्व पूर्व वन मंत्री के निवास पर नूरपुर क्षेत्र के चारों जिला परिषद वार्डों से राकेश पठानिया समर्थित प्रत्याशियों ने उनसे मुलाकात की। इस दौरान पठानिया ने प्रत्याशियों को पटका पहनाकर चुनाव में जीत की शुभकामनाएं दीं।