पूर्व परिवहन मंत्री जीएस बाली ने आरोप लगाया है कि सरकार एक व्यक्ति विशेष की कंपनी पर मेहरबान हो गई है। प्रदेशभर में अधिकतर काम उसी कंपनी को दिए जा रहे हैं। पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि समय आने पर कंपनी को भी सार्वजनिक कर दिया जाएगा।
बाली ने कहा कि सरकार यह स्पष्ट करे कि उस कंपनी को दिए गए टेंडर कब किए। यदि इसके लिए ग्लोबल टेंडरिंग की प्रक्रिया अपनाई गई तो अंतरराष्ट्रीय कंपनियों की प्रतिस्पर्धा में यह कंपनी कहां टिकती है।
उन्होंने कहा कि पूर्व कांग्रेस सरकार ने हिमालयन स्की विलेज के लिए अंतरराष्ट्रीय कंपनी बुलाई थी तो विपक्ष ने इसका विरोध किया था। अब चांशल, लाहौल एवं स्पीति, रोहतांग, मनाली सहित कई अन्य क्षेत्रों में एक ही व्यक्ति को तरजीह दी जा रही है।
यह प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर सबसे बड़ा सवाल है। बाली ने कहा कि सरकार ने करुणामूलक आधार पर सबको नौकरी देने का खूब ढिंढोरा पीटा था। सरकार ने अपने कार्यकाल में कितने बच्चों को इस आधार पर नौकरी दी है उसके बारे में श्वेत पत्र जारी किया जाना चाहिए।
बाली ने कहा कि प्रदेश में इन्वेस्टर मीट करवाने और निवेश को बढ़ावा देने के सरकार के प्रयासों का वह स्वागत करते हैं। सरकार इसके लिए पूरी पारदर्शिता अपनाए।
बाली ने कहा कि राहुल गांधी ने चुनावों में मिली हार के चलते अपनी नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दिया है। वहीं, कांग्रेस संगठन में कई लोग ऐसे हैं जो चुनावों से सीधे तौर पर जुड़े थे। उन्हें भी नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए।