शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्रों को और आगे बढ़ाना चाहिए न कि उनका विरोध करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार मनमानी पर उतर आई है, जिसे सहन नहीं किया जाएगा।
उधर, जयराम सरकार का आरोप है कि पूर्व कांग्रेस सरकार ने विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कई शैक्षणिक संस्थान बिना बजट खोल दिए। कई ऐसे स्कूल हैं, जहां विद्यार्थियों की संख्या बेहद कम है। ऐसे पांच सौ से ज्यादा स्कूलों को दूसरी पाठशालाओं में मर्ज करने की तैयारी है।