नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि अगले वर्ष प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव प्रस्तावित हैं। इन चुनावों को ध्यान में रखकर प्रदेश की कांग्रेस सरकार बीजेपी समर्थित पंचायत प्रतिनिधियों को प्रताड़ित कर रही है। जिला परिषद की ग्रांट को भी बंद कर दिया गया है। धूमल ने कहा कि मुख्यमंत्री जिस भी जिले में जा रहे हैं वहां करीब दस-दस सरकारी स्कूलों की घोषणा कर रहे हैं। टीचिंग स्टाफ की कोई व्यवस्था नहीं की जा रही।
चिकित्सकों की व्यवस्था किए बगैर ही अस्पतालों को अपग्रेड किया जा रहा है। प्राकृतिक आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत तक नहीं पहुंचाई। हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विवि पर धूमल ने कहा कि उनके समय केंद्र से तीन बार टीम आई थी। उन्होंने कांगड़ा जिला में बैजनाथ से लेकर जसूर और धर्मशाला से लेकर देहरा तक सीयू के लिए जगह का सर्वे करने के लिए कहा था।
इसके लिए 7000 एकड़ भूमि चाहिए। इसलिए धर्मशाला के एतिहासिक महत्व को देखते हुए प्रशासनिक खंड धर्मशाला में और शैक्षणिक खंड देहरा में होना चाहिए। इसके अलावा भी जिले में जहां कहीं इतनी जगह मिलती है, सीयू की स्थापना होनी चाहिए। लेकिन खेद का विषय है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री के पास शिक्षा विभाग होते हुए भी यह कार्य लटका हुआ है।