प्रदेश में वन विभाग के कर्मियों को भी अब पुलिस कर्मियों की तरह हथियार मिलेंगे। गश्त करने वाली टीम के लिए वाहनों पर नीली बत्ती लगाने का प्रावधान किया जाएगा। इस व्यवस्था को परवान चढ़ाने के लिए वन विभाग जल्द कैबिनेट में इस मुद्दे को लाएगा।
वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी ने यह बात शुक्रवार को भाजपा प्रदेशाध्यक्ष एवं विधायक सतपाल सत्ती के ऊना में वन विभाग की टीम पर हुए हमले के संबंध में लाए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जवाब में कही। कहा कि वन संपदा की रक्षा करने वाले कर्मियों पर हमला बेहद शर्मनाक घटना है। सरकार इसके प्रति बेहद गंभीर है।
अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। मामले में कड़ी कार्रवाई के लिए डीजीपी एवं एसपी ऊना को पत्र लिखा गया है। सरकार न तो इन तस्करों का संरक्षण करती है, न ही वन संपदा को नुकसान या चोरी करने वालों को बख्शेगी।
हरा पेड़ कटने से होती है पीड़ा- वन मंत्री ने कहा कि प्रदेश में एक भी हरा पेड़ कटता है तो उन्हें बहुत पीड़ा होती है। उनके लिए हरा पेड़ एक इंसान के जैसा है। इसीलिए जैसे एक इंसान की मौत पर दुख होता है, वैसे ही पेड़ कटना भी उनके लिए पीड़ादायक होता है।
593 बीट अति संवेदनशील- भरमौरी ने बताया कि प्रदेश की कुल 2026 बीटों में से 593 अतिसंवेदनशील हैं। इनमें निगरानी को स्टाफ की कमी है। हाल ही में 650 गार्ड भर्ती किए हैं। ट्रेनिंग के बाद वे सेवा में आ जाएंगे। ब्लॉक अफसर और गार्ड के खाली पद भरने की प्रक्रिया चल रही है।
तीन साल में अवैध कटान की चार घटनाएं- प्रदेश में लगातार हो रही अवैध पेड़ कटान की विपक्ष की शिकायत पर वन मंत्री ने साफ किया कि पिछले तीन साल में प्रदेश में सिर्फ चार शिकायतें सामने आई हैं। कहा कि सीएम वीरभद्र सिंह जब पहली बार मुख्यमंत्री बने थे, उस समय पहली बार पेड़ काटने पर प्रतिबंध लगाया गया था।