फोरेस्ट गार्ड होशियार सिंह की मौत के बाद हो रही किरकिरी के बीच स्पेशल टास्क फोर्स (एसआईटी) ने नए सिरे से मामले की जांच शुरू कर दी है। बुधवार को मंडी रेंज का प्रभार संभालने के साथ ही डीआईजी आसिफ जलाल ने उस कतांडा बीट स्थित घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया।
इस दौरान टीम ने लाश मिलने की जगह, उसकी जमीन से ऊंचाई और आने जाने वाले रास्तों व अन्य पहलुओं पर जानकारी ली। पुलिस ने बाकायदा पेड़ पर चढ़कर उस डाल की ऊंचाई व लंबाई नापी जहां शव लटका मिला था। मौका-ए वारदात से फोरेस्ट गार्ड के क्वार्टर की दूरी भी नापी गई। एसआईटी ने कई साक्ष्य दोबारा जुटाए। पुलिस अधिकारियों और वन अधिकारियों व स्थानीय लोगों से भी बातचीत कर जानकारी जुटाई।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार जांच टीम का पूरा ध्यान इस बात पर केंद्रित है कि ये सब कैसे हुआ? अगर हत्या हुई तो हत्या किन लोगों ने की और कैसे की? अगर होशियार ने आत्महत्या की तो उसके सामने ऐसे क्या हालात पैदा हुए और ये हालत किसने पैदा किए कि उस नौजवान को आत्महत्या जैसा कदम उठाना पड़ा।
अगर ये आत्महत्या थी तो गार्ड का शव पेड़ पर उल्टा कैसे लटका मिला? शुरूआती जानकारी के अनुसार जांच टीम मंडी पुलिस की उस थ्योरी के हिसाब से पड़ताल कर रही है जिसके अनुसार होशियार ने आत्महत्या की है। सूत्रों का कहना है कि अगर इस थ्योरी में टीम को सारे सबूत नहीं मिले तो वह हत्या की थ्योरी पर काम शुरू करेगी।
दरअसल, जिस तरह होशियार की डायरी और नोट में बातें लिखी मिली है, उससे यह साफ है कि उससे आत्महत्या की है। लेकिन आत्महत्या करने वाला व्यक्ति जहरीला पदार्थ पीकर पेड़ पर क्यों चढ़ेगा, इसका जवाब न तो अब तक पुलिस के पास था और न ही वह इसपर कोई सफाई दे पा रही थी। इसी पेंच को सुलझाने के लिए अब एसआईटी नए सिरे से जांच में जुट गई है।
रिमांड पर पूर्व गार्ड: नहीं दिया था बीट का रिकार्ड!
पुलिस सूत्रों की मानें तो पूर्व में तैनात फोरेस्ट गार्ड ने होशियार सिंह को बीट का रिकार्ड देने में भी लापरवाही की थी। पूरा रिकार्ड जिसमें कितना सरकारी कटान, कितना टीडीएस का कटान आदि किया गया है, स्पष्ट जानकारी नहीं थी। इसे लेकर होशियार सिंह भी काफी चिंतित था।
हालांकि डायरी में मिले पन्नों में भी इस फोरेस्ट गार्ड का जिक्र है, जिसमें होशियार सिंह ने उसे दंड देने की बात कही है। पुलिस ने देर रात गिरफ्तार किया है। जिसे बुधवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे दो दिन का पुलिस रिमांड मिला है।
तो क्या अकेला था वन रक्षक
पुलिस इन सवालों के जवाब भी ढूंढ रही है कि क्या घटना से पहले फोरेस्ट गार्ड अकेला था या कोई और भी उसके साथ था। लेकिन यह भी साफ है कि अगर उसे मौत के घाट उतारा गया है तो कातिल बेहद मंझे हुए अपराधी हैं।