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फॉरेस्ट गार्ड मर्डर केस: शव अस्पताल पहुंचाने को नहीं मिला सरकारी वाहन

Sun, 11 Jun 2017 12:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मंडी
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जोनल अस्पताल मंडी में फॉरेस्ट गार्ड होशियार सिंह के शव का पोस्टमार्टम करने आए परिजन भड़क उठे। उन्होंने वन विभाग करसोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और शव लेने से इंकार कर दिया। होशियार सिंह के मामा जगजीत सिंह और चाचा परस राम ने कहा कि शव मिलने के बाद पोस्टमार्टम करने के लिए भी वन विभाग ने गाड़ी तक नहीं भेजी। उन्होंने खुद अपने खर्चे पर वाहन किया और शव को अस्पताल पहुंचाया। 
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कुछ देर बाद अरण्यपाल उपासना पटियाल मौके पर पहुंचीं। उनसे मामले में कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद परिजनों ने शव लिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि जब से होशियार सिंह लापता था, तभी से करसोग वन विभाग के आला अधिकारियों से कोई सहयोग नहीं मिला।

चार दिन बाद होशियार सिंह का शव पेड़ पर लटका मिला तो उसके बाद भी वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों परिजनों से कोई संपर्क नहीं किया। परिजनों ने डीएफओ करसोग, आरओ और बीओ पर वन माफिया के साथ मिले होने के आरोप लगाए हैं। परिजनों ने अरण्यपाल से करसोग और सेरी कतांडा बीट में तैनात अन्य अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं और मामले की जांच करने की गुहार लगाई है। 
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चाचा बोले- होशियार के मोबाइल में हैं माफिया के सबूत

फॉरेस्ट गार्ड के चाचा परस राम ने कहा कि होशियार सिंह ने उन्हें बताया था कि उसके मोबाइल में वन माफिया के खिलाफ कुछ सबूत हैं, लेकिन इससे पहले ही उसकी मौत हो गई। उन्होंने पुलिस विभाग से होशियार सिंह के मोबाइल की जांच करने की गुहार लगाई है। 

भावुक हुईं अरण्यपाल, कहा- जांच होगी
परिजनों से बात करते समय अरण्यपाल उपासना पटियाल भी भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि होशियार सिंह उनके बच्चे के समान था। उन्होंने परिजनों का आश्वासन किया कि मामले की छानबीन की जाएगी। 
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