विवि की इंटरनेशनल छात्र कल्याण निदेशक सरस्वती भल्ला ने बताया कि बांग्लादेश, अफगानिस्तान सहित पड़ोसी देशों से अधिकतर छात्र विवि में प्रवेश लेने आते हैं। इनकी संख्या 35 से 50 तक रहती है।
अभी तक विदेशी विद्यार्थी छात्रावास की सुविधा नहीं लेते थे, मगर इस बार उन्हें भी छात्रावास के लिए आवेदन करने को कहा है। इनके लिए अलग से सीटें रखने की व्यवस्था की है।
इस बार छात्रावासों में विदेशियों को होंगे 15 कमरे आवंटित
विवि प्रशासन के आदेशों पर इस बार ब्वॉयज हॉस्टलों में 10 और गर्ल्स में पांच सीटें विदेशी छात्र-छात्राओं के लिए आरक्षित रखी गई हैं। यह आवेदन पर निर्भर करेगा कि कितने विदेशी छात्र-छात्राएं आवेदन करते हैं।