सरकार गठन में निर्दलीयों ने कांग्रेस को समर्थन दिया था। लेकिन, राज्यसभा की एक सीट के लिए हुए चुनाव में प्रदेश की सियासत के समीकरण बदल गए। 2022 में जीते तीनों निर्दलीय विधायकों ने न सिर्फ राज्यसभा चुनाव में भाजपा का साथ दिया, बल्कि कुछ समय बाद भगवा चोला भी ओढ़ लिया। भाजपा में शामिल हुए तीनों निर्दलीय विधायकों को पार्टी ने उपचुनाव में अपना प्रत्याशी बनाया।
देहरा से होशियार सिंह और नालागढ़ से केएल ठाकुर उपचुनाव हार गए। हमीरपुर से आशीष शर्मा जीते जरूर लेकिन, इस बार भाजपा के टिकट पर। इसलिए, आशीष अब भाजपा के विधायक माने जाएंगे। साफ है कि प्रदेश की चौदहवीं विधानसभा अब निर्दलीय विधायकों के बिना ही चलेगी और ऐसा हिमाचल में पहली बार होगा। इससे पहले 2022 तक होते रहे विधानसभा चुनावों में कोई न कोई निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव जीतता रहा है।
क्या कहते हैं आंकड़े
विधानसभा अवधि निर्दलीय विधायकों की संख्या
पहली विधानसभा 1962-1967 6
दूसरी विधानसभा 1967-1972 13
तीसरी विधानसभा 1972-1977 8
चौथी विधानसभा 1977-1982 5
पांचवीं विधानसभा 1982-1985 2
छठी विधानसभा 1985-1990 2
सातवीं विधानसभा 1990-1992 1
आठवीं विधानसभा 1993-1998 7
नौवीं विधानसभा 1998-2003 1
दसवीं विधानसभा 2003-2007 6
ग्यारहवीं विधानसभा 2007-2012 3
बारहवीं विधानसभा 2012-2017 7
तेहरवीं विधानसभा 2017-2022 2
चौदहवीं विधानसभा 2022-2027 3
2024 उपचुनाव 2024 0