पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर पहली बार एमआईएस के तहत क्रेट में सेब खरीदने का फैसला लिया है। एचपीएमसी बागवानों को क्रेट देगा जिससे उनका बोरी का खर्चा बचेगा। क्रेट इस्तेमाल होने से सेब क्षतिग्रस्त नहीं होगा और एमआईएस के सेब से बनने वाले उत्पादों की गुणवत्ता और भी बेहतर बनेगी।- जगत सिंह नेगी, बागवानी मंत्री
पराला प्लांट में 18,000 मीट्रिक टन सेब की होगी खपत
ठियोग के पराला में फ्रूट प्रोसेसिंग प्लांट में सेब सीजन के दौरान करीब 18,000 मीट्रिक टन सेब का उपयोग होगा। यह पूरा सेब इस सीजन में क्रेट के माध्यम से ही खरीदा जाएगा। प्लांट में 1800 मीट्रिक टन एप्पल जूस, 1 लाख लीटर एप्पल वाइन और 50 हजार लीटर एप्पल विनेगर बनेगा। एचपीएमसी के परवाणू और जरोल प्लांट के लिए भी क्रेट में सेब खरीद होगी।
बागवानों को होगा बड़ा लाभ : संघ
संयुक्त किसान मंच के संयोजक हरीश चौहान और सह संयोजक संजय चौहान का कहना है कि एमआईएस के तहत क्रेट में सेब खरीद से बागवानों को बड़ा लाभ होगा। क्रेट में सेब की गुणवत्ता बनी रहेगी जिससे एचपीएमसी के उत्पादों की क्वालिटी बेहतरीन बनेगी। सरकार को यूनिवर्सल कार्टन के बाद सभी ग्रेडों का सेब क्रेट में खरीदने की व्यवस्था करनी चाहिए।