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Shimla News: बारिश के पानी की निकासी के लिए भवनों में बिछाने होंगे अलग पाइप

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सीवरेज लाइनों से हटाए जाएंगे भवनों की छत और आंगन के पानी के निकास पाइप
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लोगों ने सीवरेज लाइनों से जोड़ रखे हैं बारिश के पानी के पाइप
34,000 भवन मालिक हैं शिमला शहर में
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में भवनों की छत से और आंगन में बहने वाले बारिश के पानी की निकासी के लिए हजारों भवन मालिकों को अब अलग पाइप बिछानी पड़ेंगे। यह पाइप सीवरेज लाइन से नहीं जुड़ेगी और इसे नगर निगम के नाले से जोड़ा जाएगा।

शहर में हजारों भवन मालिकों ने अभी तक बारिश के पानी के पाइप सीवरेज लाइनों से जोड़ रखे हैं, इन्हें तुरंत हटाना होगा। ऐसा न करने पर बिजली और पानी बंद किया जा सकता है। पेयजल कंपनी ने नगर निगम के निर्देश पर इस बारे में जांच शुरू कर दी है। कंपनी के अनुसार बीते दिनों हुई भारी बारिश के कारण शहर में ज्यादातर जगह सीवरेज लाइनों के चैंबर ओवरफ्लो हो गए थे। इससे न सिर्फ गंदगी फैली बल्कि नुकसान भी हुआ है। भट्ठाकुफर वार्ड के पार्षद नरेंद्र ठाकुर की ओर से इसकी शिकायतें भी मिली थी। बाद में मौके पर पहुंची टीम ने जब जांच की तो पाया कि ज्यादातर लोगों ने घरों से निकलने वाले बारिश के पानी के पाइप सीवरेज लाइनों में जोड़ रखेे हैं। बारिश में सीवरेज लाइनों में भारी मात्रा में पानी पहुंच गया जिससे सीवेज चैंबर टूटकर ओवरफ्लो हो गए। शहर के बाकी वार्डाें में भी यही हाल हुआ है। अब टीमें भवनों का निरीक्षण करेंगी और नोटिस जारी करेंगी। लोग कहां इन लाइनों को बिछा सकते हैं, इस बारे में भी टीमें मदद करेंगी।
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आपदा से सबक, सख्ती की तैयारी
नगर निगम के अनुसार भवन मालिक को बारिश के पानी की निकासी के लिए अलग लाइन बिछाना जरूरी है। यह लाइन नजदीक में बने नगर निगम के नाले तक जुड़ी होनी चाहिए। इन्हें सीवरेज लाइनों से नहीं जोड़ा जा सकता। सीवरेज लाइन से सिर्फ बाथरूम या किचन वेस्ट की लाइन जुड़ती है। शहर में आज तक यह व्यवस्था सख्ती से लागू नहीं हुई। ज्यादातर लोगों ने सीवरेज लाइन से ही यह पाइप जोड़े हैं। अब जब आपदा में तबाही हुई तो निगम ने भी सबक लिया। नगर निगम वास्तुकार शाखा के अनुसार लोगों को इसकी व्यवस्था खुद करनी होती है। भवनों के सेटबैक से यह लाइन बिछती है।
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रिहायशी कॉलोनियों में ज्यादा परेशानी
नगर निगम ने भवन मालिकों को बारिश के पानी की अलग लाइन बिछाने के निर्देश तो दिए हैं, लेकिन ज्यादातर रिहायशी काॅलोनियों में लोगों के पास यह लाइन बिछाने की जगह या नाले नहीं हैं। ऐसे में नगर निगम सरकार के पास भी इस बारे में बड़ी योजना बनाने की तैयारी कर रहा है। हालांकि जिन जगहों पर नाले हैं, वहां अभी भवन मालिकों को इसकी व्यवस्था करनी होगी। पेयजल कंपनी के एजीएम आदर्श भोटा ने कहा कि नगर निगम के निर्देश के बाद इसकी जांच की जा रही है। सीवरेज लाइनों से जुड़ी बारिश के पानी की लाइनें हटाई जाएंगी।
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