हिमाचल में पतंजलि उत्पादों की खासी मांग है। दावा है कि सूबे के 50 फीसदी लोग पतंजलि उत्पाद ले रहे हैं। पतंजलि ने अलग से सैकड़ों स्टोर भी खोल रखे हैं। उपभोक्ताओं को ये उत्पाद बाजारों में कंपनी रेट पर ही मिल रहे हैं।
खाद्य आपूर्ति विभाग इन उत्पादों को कंपनी से थोक रेट पर उठाएगा। इसका फायदा प्रदेश के उपभोक्ताओं को होगा। खाद्य आपूर्ति मंत्री किशन कपूर ने कहा कि डिपुओं में पतंजलि उत्पाद बेचने पर विचार-विमर्श चल रहा है।
सोलन जिले के साधुपुल में पूर्व की भाजपा सरकार ने पतंजलि योगपीठ को मेडिसन हब विकसित करने के लिए 96 बीघा जमीन एक रुपये प्रतिमाह पट्टा राशि पर दी थी। जमीन योग प्रशिक्षण, पंचकर्म और जड़ी-बूटी ट्रेनिंग सहित आयुर्वेद की अन्य पद्धतियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दी गई थी।
कांग्रेस सरकार ने इस लीज को रद्द किया तो बाबा रामदेव कोर्ट चले गए। बाद में कोर्ट केस वापस लेने पर सरकार ने लीज बहाल कर दी। नई सरकार बनने से यह प्रोजेक्ट शुरू हो सकता है।