कालका-शिमला नेशनल हाईवे-5 पर बड़ोग बाईपास पर टनल को जोड़ने वाली सड़क बारिश के बाद पूरी तरह धंस गई। सड़क धंसने के साथ ही नेशनल हाईवे से जा रही दो गाड़ियां मलबे के साथ ही खाई में जा गिरी। गनीमत रही कि इस घटना में किसी को चोट नहीं पहुंची। सड़क धंसने के बाद कुछ देर तक मौके पर अफरा-तफरी का माहौल रहा। इसकी सूचना लोगों ने पुलिस और जिला प्रशासन को दी।
सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य में जुट गई। कार सवार इससे पहले ही खुद गाड़ी से बाहर निकल आया था और वह सुरक्षित है। इस घटना से फोरलेन निर्माता कंपनी पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। हैरत की बात यह है कि सड़क सोमवार से लगातार धंस रही थी। मंगलवार को इस सड़क को बंद कर दिया गया था लेकिन वीरवार सुबह सड़क को फिर बिना ठीक किए खोल दिया गया। इससे फोरलेन निर्माता कंपनी की लापरवाही सामने आई है। अमर उजाला ने पहले ही इस हादसे को लेकर प्रशासन को आगाह किया था।
प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो बुधवार रात से जारी भारी बरसात के चलते वीरवार से यहां पर जमीन धंसना शुरू हो गई थी लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। शाम को करीब 4:00 बजे के आसपास सड़क पर दरारें पड़ना शुरू हो गई। उस समय एक कार सवार ने इसे देखा तो उन्होंने अपनी कार को थोड़ा आगे खड़ा करके इस मार्ग से आ रहे वाहनों को पीछे रुकने को कहा।
डेराबस्सी से सोलन सवारी छोड़कर चंडीगढ़ जा रहे कंवलजीत कार को रोककर पीछे ही करने लगे थे कि अचानक फ्लाईओवर का एक बड़ा हिस्सा ढह गया और गाड़ी समेत ही नीचे गिर गए। उसी समय सेना के जवानों की क्लच प्लेट टूटने के कारण खड़ी एक कार इसकी चपेट में आकर नीचे खाई में गिर गई। जब तक पुलिस और प्रशासन की टीम पहुंची, कार में सवार कंवलजीत सुरक्षित बाहर निकल आ गए थे।
एएसपी अशोक वर्मा और डीएसपी संतोष शर्मा सहित पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गए। एएसपी ने बताया कि सड़क का एक हिस्सा गिरने से दो कारें इसकी चपेट में आ गई थी। एक कार में चालक ही सवार था जो स्वस्थ है जबकि दूसरी कार खराब होने के कारण सड़क पर खड़ी थी जो सड़क के धंसने के साथ नीचे आ गई। पुलिस छानबीन कर रही है।