मूसलाधार बारिश के चलते ब्यास उफान पर है। रविवार शाम करीब 5:00 बजे चंडीगढ़-मनाली एनएच दवाड़ा के पास ब्यास के पानी में डूब गया। इस कारण एनएच पर यातायात बंद कर दिया है। वाहनों को वाया बजौरा वैकल्पिक मार्ग से भेजा जा रहा है। एनएच पर लंबा जाम लग गया है। प्रशासन ने जानमाल के नुकसान से बचने के लिए हाईवे को आगामी आदेशों तक बंद कर दिया है। डीसी मंडी अरिंदम चौधरी ने बताया कि दवाड़ा में ब्यास का पानी सड़क पर आ गया है।
इस कारण हाईवे पर ट्रैफिक बंद कर दिया गया है। उधर, लारजी बांध के गेट भी खोलने पड़े हैं। लारजी के अधिशासी अभियंता अजय ठाकुर ने बताया कि पानी ज्यादा होने के चलते डैम के गेट खोले गए। वहीं मंडी जिले में भारी बरसात के चलते छह सड़कें यातायात के लिए बाधित हो गई हैं। 95 ट्रांसफार्मर बंद होने से दर्जनों पंचायतों में बिजली गुल हो गई है। सभी ट्रांसफार्मर गोहर क्षेत्र के हैं।
रविवार रात तक बिजली बंद होने से लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। सराज क्षेत्र में सबसे अधिक तीन सड़कें बाधित हुई हैं। बारिश के कारण चट्टानें और मलबा सड़कों पर आ गया है। बंद सड़कों में जंजैहली-रायगढ़ और शंकरदेहरा सड़क, लंबाथाच-चियुनी रोड और लंबाथाच-सिल्हीबाग रोड शामिल हैं। बल्ह का मंडी-रिवालसर-कलखर मार्ग, जबकि करसोग क्षेत्र में करसोग-परलोग और थाडी-डोवर रोड बंद हो गया है। उधर, मंडी शहर में भारी बारिश के चलते शहर की सड़कों पर जलभराव हो गया। इससे लोगों और कारोबारियों को कठिनाई हुई।
लारजी डैम के गेट खुलने से ब्यास नदी पूरे उफान पर रही। इधर बारिश के कारण सराज, करसोग, सरकाघाट और बल्ह क्षेत्रों में खड्डों और नालों ने खूब कहर ढहाया है। इन क्षेत्रों की खड्डों और नालों के किनारों पर जमीन बहने से फसलों को नुकसान हुआ है। उपायुक्त मंडी अरिंदम चौधरी ने कहा कि जिले में अभी छह मार्ग और 95 ट्रांसफार्मर बंद हैं। विभाग सड़कों को बहाल करने में जुटा है।