आयोग की मंजूरी के बिना डिजिटल प्रचार नहीं कर पाएंगे राजनीतिक दल
लोकसभा चुनावों में डिजिटल प्रचार के लिए राजनीतिक दलों को चुनाव आयोग की मंजूरी लेनी होगी। प्रचार सामग्री की कड़ी निगरानी होगी ताकि किसी प्रकार से चुनाव को प्रभावित न किया जा सके। चुनाव प्रचार के लिए लोगों को बल्क मैसेज और वॉयस मैसेज भेजने से पहले मीडिया प्रमाणन एवं निगरानी समिति (एमसीएमसी) की मंजूरी लेना भी अनिवार्य किया गया है। चुनावों के दौरान राजनीतिक दलों को नियमों के दायरे में रहकर ही ऑडियो, वीडियो, पोस्टर और बैनर के माध्यम से सोशल मीडिया पर प्रचार करना होगा। समाचारपत्रों, टीवी, रेडियो, ई-पेपर, सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाले विज्ञापनों और पेड न्यूज पर कड़ी नजर रहेगी। निर्वाचन आयोग की ओर से चुनाव आयोग के निर्देशों पर निगरानी के लिए एमसीएमसी कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है जोकि 24 घंटे सातों दिन काम करेगा।
आयकर विभाग ने शिमला में खोला नियंत्रण कक्ष
लोकसभा चुनाव के लिए आयकर विभाग ने शिमला में एक नियंत्रण कक्ष खोल दिया है। यह केंद्र विशेष रूप से 24 घंटे काम करेगा। विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि किसी व्यक्ति या पार्टियों द्वारा नकदी वितरण, मुफ्त उपहार या किसी प्रलोभन के संबंध में कोई भी शिकायत आप कर सकते हैं। टोल फ्री नंबर 1800 180 8200 और व्हाट्सअप नंबर 98160 84117 पर विभाग के साथ साझा की जा सकती है। जानकारी साझा करने वाले व्यक्तियों के नाम और विवरण गोपनीय रखे जाएंगे। उन्होंने सभी नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे इस सुविधा का उपयोग करें और वास्तविक जानकारी साझा करें।
शतायुवोटर: उस जमाने में जनता का कल्याण होता था सर्वोपरि
पुराने जमाने में नेताओं में विकास अहम मुद्दा होता था, सत्ता की महत्वाकांक्षा इतनी ज्यादा नहीं थी। यह कहना है 19 जुलाई 1923 को जन्मे विधानसभा क्षेत्र घुमारवीं के गांव सोई के 101 वर्षीय कृष्ण दयाल का। वह बताते हैं कि उस समय की राजनीति और आज की राजनीति में बदलते सामाजिक परिवेश के साथ काफी कुछ बदल गया है। उस समय के जनप्रतिनिधियों के लिए सत्ता इतनी महत्ता नहीं रखती थी, जितनी आज के इन उम्मीदवारों के लिए रखती है। पहले समाज के बुद्धिजीवी लोगों की राय ली जाती थी और सभी वर्गों का उत्थान एवं देश का कल्याण सर्वोपरि होता था। कुछ दशकों से धनबल का भी प्रयोग राजनीति में ज्यादा होने लगा है, हालांकि हमारा प्रदेश इन सब से अभी अछूता है। उन्होंने कहा कि सभी चुनावों में मतदान किया है। इस बार भी मतदान तिथि का बेसब्री से इंतजार है। देश के हर नागरिक को अपने मत का प्रयोग करना चाहिए ताकि बेहतर जनप्रतिनिधि चुनकर देश के विकास को आगे बढ़ाया जा सके।