इसमें 1.64 करोड़ रुपये की राशि एचपीएसआईडीसी बद्दी को जारी कर दी गई है। हमीरपुर के खेरी के गो-सदन के लिए 2.56 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। कांगड़ा के इंदौरा के गो सदन के लिए 3.55 करोड़, जयसिंहपुर के लिए 10 लाख और किन्नौर के राली में गौ सदन के निर्माण के लिए 22 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं।
कंवर ने कहा कि प्रदेश में जो गो-सदन सरकारी भूमि पर चल रहे हैं, उन गोसदनों की भूमि को पशुपालन विभाग के नाम पर हस्तांतरित कर गो सदन चलाने वाली संस्था को लीज पर उपलब्ध करवाया जाएगा। गो संरक्षण को लेकर पंचायतों, महिला मंडलों, योग मंडलों और स्वयं सेवी संस्थानों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
इसके रखरखाव के लिए एक व्यक्ति को तैनात किया जाएगा। पांच किलोवाट तक बिजली की खपत वाले गो सदनों को घरेलू और अन्य गो सदनों को व्यावसायिक मीटर (एनडीएनसी) मीटर उपलब्ध करवाए गए थे। अब 20 किलोवाट खपत वाली गोशाला, गो-सदनों, गो-अभ्यारण्यों को घरेलू मीटर लगाने की अनुमति दे दी गई है।
इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव पशुपालन संजय गुप्ता, सचिव भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग पूर्णिमा चौहान, गो-सेवा आयोग के उपाध्यक्ष अशोक शर्मा, निदेशक पशुपालन डॉ. सुदेश चौधरी मौजूद रहे।