हिमाचल में एक्टिव मामलों की संख्या पांच हजार से ज्यादा है। इन्हीं को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग चिंतित है। सरकार ने बाहरी राज्यों से आने वाले सैलानियों के लिए आरटीपीसीआर रिपोर्ट की अनिवार्यता खत्म कर दी है। अब बिना कोविड जांच के सैलानी और अन्य लोग हिमाचल आ सकते हैं।
हिमाचल प्रदेश में बसें चलाने और पर्यटकों की बिना निगेटिव रिपोर्ट एंट्री के फैसले के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। विभाग का मानना है कि कोरोना बंदिशों में छूट देने के बाद प्रदेश में कोरोना संक्रमण के मामले फिर बढ़ सकते हैं। इसके चलते स्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल कॉलेजों, सीएमओ और बीएमओ को अलर्ट किया है। हिमाचल में कोरोना की दूसरी लहर सक्रिय है। अस्पतालों में अभी भी 10 फीसदी मरीज गंभीर हैं।
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हिमाचल में एक्टिव मामलों की संख्या भी 5 हजार से ज्यादा है। इन्हीं को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग चिंतित है। सरकार ने बाहरी राज्यों से आने वाले सैलानियों के लिए आरटीपीसीआर रिपोर्ट की अनिवार्यता खत्म कर दी है। अब बिना कोविड जांच के सैलानी और अन्य लोग हिमाचल आ सकते हैं। इससे इन लोगों के साथ संक्रमण भी हिमाचल में प्रवेश कर सकता है। बसों चलाने को लेकर अगर सख्ती नहीं की गई तो संक्रमण एक से दूसरी जगह पहुंच सकता है।
किसी भी तरह की कोई चूक न हो, इसलिए सभी जिलों के सीएमओ, बीएमओ समेत मेडिकल कॉलेजों के प्रिंसिपलों को निर्देश दिए हैं कि जिन डॉक्टरों, फार्मासिस्टों और नर्सों को फील्ड में तैनात किया है। उनकी वहीं सेवाएं ली जाएं। स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी ने कहा कि सीएमओ, बीएमओ समेत मेडिकल कॉलेजों के प्रिंसिपलों से अलर्ट रहने के लिए कहा है।
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500 कोरोना मरीज अस्पतालों में भर्ती
शिमला। हिमाचल के अस्पतालों में करीब 500 कोरोना मरीज उपचाराधीन हैं। कुल एक्टिव मरीजों में से 10 फीसदी ऐसे मरीज हैं, जो गंभीर स्थिति में हैं। ऐसे में अभी भी और सतर्कता बरतने की जरूरत है।