प्रदेश के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान आईजीएमसी में स्क्रब टायफस के मरीजों ने दस्तक देना शुरू कर दिया है। अस्पताल में जुलाई माह में करीब पांच मामले पॉजिटिव आ चुके हैं। अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जनक राज ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि सभी मरीज बिलासपुर व शिमला से आए हैं। जनवरी से अब तक मरीजों की संख्या दस पहुंच चुकी हैं।
गुरुवार को भी एक मरीज अस्पताल आया था जिसकी शुक्रवार को रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई। बता दें कि बरसात के मौसम में घास में पनपने वाले पिस्सू के काटने से यह रोग फैलता है। इसके कारण मरीज को सिरदर्द, बुखार, शरीर में दर्द व शरीर पर लाल दाने निकलने जैसे लक्षण होते हैं।
डॉक्सीसाइक्लिन व एजिथ्रोमाइसिन दवा दी जा रही मरीजों को
आईजीएमसी में जिन मरीजों को स्क्रब टायफस पॉजिटिव पाया जा रहा है उन मरीजों को डॉक्सीसाइक्लिन व एजिथ्रोमाइसिन दवा दी जा रही है। प्रबंधन का कहना है कि इसके इंजेक्शन व टेबलेट अस्पताल में उपलब्ध हैं। जबकि बीमारी की चपेट में आए मरीजों के एक्सरे, अल्ट्रासाउंड व ब्लड टेस्ट मुफ्त होंगे।
ऐसे करें बचाव
घरों के आसपास झाड़ियां न उगने दें
पार्क में टहलते वक्त जूते पहनें
पार्क या पेड़ पौधों के बीच जाने से पहले पूरी बाजू के कपड़े पहनें
बुखार तीन चार दिनों से अधिक हो तो तुरंत डॉक्टर से मिले।