मंडी जिले की बल्ह घाटी मध्यम सिंचाई परियोजना के राइट बैंक पर 43.61 करोड़ तथा लेफ्ट बैंक पर 87.19 करोड़ खर्च करने का प्रस्ताव है। इसी तरह बिलासपुर जिले की चंगर क्षेत्र की मध्यम लिफ्ट सिंचाई परियोजना के जीर्णोद्धार पर 202.88 करोड़ और कांगड़ा जिले की सिद्धार्था मध्यम सिंचाई परियोजना पर 64.57 करोड़ खर्च किए जाएंगे। विभाग का मानना है कि इन परियोजनाओं के आधुनिकीकरण से खेतों और बागानों तक बारहमासी सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी, जिससे कृषि और बागवानी उत्पादन में बढ़ोतरी होगी। सरकार के अनुसार इन योजनाओं से मंडी, सिरमौर और बिलासपुर जिलों के हजारों किसान परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। सूखे की समस्या से प्रभावित क्षेत्रों में भी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। जल शक्ति विभाग देख रहे उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध करवाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि केंद्र से बजट मंजूरी मिलते ही इन परियोजनाओं पर युद्ध स्तर पर कार्य शुरू किया जाएगा।