हिमाचल प्रदेश के ऐतिहासिक शहर चंबा में एक हजार वर्ष पुराने लक्ष्मी नारायण मंदिर समूह में आग लग गई। आग में पुरातात्विक महत्व के शिव मंदिर का सारा बेशकीमती सामान जल गया। आग सोमवार देर रात करीब साढ़े 11.00 बजे मंदिर के भीतर ही लगी।
आग लगने की वजह से मंदिर में रखे चांदी के आभूषण व फर्नीचर जल गया जबकि मंदिर की दीवारें व छत आग से क्षतिग्रस्त हो गई। उधर, चाबियां मंदिर पुजारी के पास होने के कारण समय रहते उस समय काबू नहीं पाया जा सका।
आग की सूचना मिलते ही पूरे चंबा बाजार में हड़कंप मच गया और लोग ऐतिहासिक मंदिर को बचाने के लिए मौके पर पहुंच गए। यहां गुस्साए लोगों ने इस पूरे मामले के बाद मंदिर के चौकीदार की पिटाई कर दी और उसे पुलिस के हवाले कर दिया। लोगों का आरोप था कि चौकीदार शराब के नशे में था जबकि मेडिकल में इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
पुरातत्व विभाग की टीम करेगी आकलन
रात को आग लगते ही चौकीदार ने मंदिर के भीतर सो रहे दूसरे पुजारियों को उठाया और मुख्य द्वार को खोल दिया। जिसके चलते आसपास के लोग मंदिर में प्रवेश कर गए। हादसे के समय मंदिर में धुआं उठ रहा था और मंदिर द्वार नहीं खुल पा रहे थे।
इस बीच मौके पर पहुंचे अग्निशमन विभाग व पुलिस के जवानों ने मंदिर में गर्भ गृह तक पहुंचने के ताले तोड़ दिए और मंदिर में प्रवेश कर आग पर काबू पाया। लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था। शिव मंदिर में चांदी के आभूषण, एक बड़ा चांदी का छत्तर, अलमारी, पीतल के बर्तन, मंदिर की छत और दीवार जल चुकी थी।
दीवार पर लगे एक हजार साल पुराने पत्थर आग की इस घटना के बाद काले पड़ गए हैं। इस आग में शिव मंदिर के भीतर रखी कई पुरातात्विक महत्व की मूर्तियों और अन्य सामान को नुकसान पहुंचा है। इसमें आभूषण, चौकीयां और लकड़ी की खास नक्काशी से बनी छत भी जल गई। पुरातत्व विभाग की टीम दोपहर बाद मौके का मुआयना करेगी। इसके बाद ही पता चल पाएगा कि मंदिर में कितनी ऐतिहासिक महत्व की चीजों का नुकसान हुआ है।