पुलिस कर्मियों ने पहले शिकायत दर्ज करने में आनाकानी की, फिर शिकायत लिखवाने के बहाने चोरी की बजाय बाइक गुमशुदगी की तहरीर लिखवाकर ले ली। कई दिन तक जब बाइक नहीं मिली तो उसने थाने जाकर पूछताछ की।
इस पर वहां तैनात पुलिस कर्मियों ने उसे यह कहते हुए लौटा दिया कि उसकी बाइक गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कर ली है। जब मिलेगी, बता देंगे।
अनिल ने बताया कि बाइक चोरी की शिकायत दर्ज नहीं हुई, इसलिए उसे इंश्योरेंस कंपनी से भी पैसा नहीं मिल रहा था। इसके चलते वह लगातार रामशहर थाने के चक्कर काट रहा था।
वीरवार को अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद अनिल की तहरीर पर अब बद्दी पुलिस ने बाइक चोरी की शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।