रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने जनता को जागरूक करने के लिए चार से आठ जून तक प्रदेश में वित्तीय साक्षरता सप्ताह आयोजित करने का फैसला भी लिया है।
इस सप्ताह के तहत ग्राहकों को अनाधिकृत/इलेक्ट्रानिक बैंकिंग लेनदेन में अपनी देयता जानने, बैंकिंग लोकपाल-शिकायत निवारण के लिए आसान तंत्र, एक सुरक्षित डिजिटल बैंकिंग अनुभव के लिए अच्छी आदतों और जोखिम बनाम प्रतिफल को लेकर जागरूक किया जाएगा।
अमरनाथ ने बताया कि इस साल के वित्तीय जागरूकता सप्ताह की थीम उपभोक्ता संरक्षण है। उन्होंने बताया कि सप्ताह के दौरान प्रदेश के सभी बैंक ग्राहकों को जागरूक करेंगे। अगले छह माह तक सभी शाखाओं और एटीएम में जागरूकता से संबंधित पोस्टर लगाए जाएंगे।
इस अवसर पर बैंक के एजीएम रवि रावल ने एक प्रस्तुति के माध्यम से ग्राहकों के अधिकारियों, शिकायत करने के स्थान और तरीकों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन और मोबाइल बैंकिंग को लेकर भी लोगों को जागरूक रहना चाहिए।
एसएलबीसी के प्रदेश संयोजक विवेक कौल ने कहा कि अगर किसी बैंक के एटीएम से नकली नोट निकलते हैं तो संबंधित बैंक के खिलाफ कार्रवाई होगी। गहन जांच के बाद ही एटीएम में नोट डाले जाते हैं।
इस अवसर पर आरबीआई के महा प्रबंधक रमेश चंद, नाबार्ड के महा प्रबंधक रविंद्र कुमार और स्टेट कोआपरेटिव बैंक के प्रबंध निदेशक आरके गौतम मौजूद रहे।
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के अधिकारियों ने बताया कि बीते दिनों हुए एक सर्वे में बताया गया है कि हिमाचल की 16 फीसदी आबादी वित्तीय साक्षर है। देश का औसत 20 फीसदी है। उन्होंने बताया कि बैंक की विभिन्न योजनाओं की जानकारी होने और निवेश से संबंधित प्रश्नों के आधार पर यह सर्वे हुआ है।