वह जब भी घर आता था, कबड्डी की प्रतियोगिता व अपना एक गाना जरूर रिकॉर्ड करवाता था। कुछ दिन पहले ही वह अपनी पत्नी की डिलीवरी के दौरान शाहपुर अस्पताल में आया था। शहीद के शव का शुक्रवार तक घर पहुंचने की उम्मीद है। अभी तक पिता को शहादत के बारे में जानकारी नहीं दी गई है।
जम्मू में हुए आतंकी हमले में शाहपुर ने वीर जवान ही नहीं बल्कि एक बेहतर लोक गायक भी खो दिया। तिलक राज शानू का गाया गीत 'मेरा सिद्दू बड़ा शराबी' आज भी लोगों के दिल व जहन में है। तिलक ड्यूटी के दौरान जब भी फ्री होते कोई न कोई गीत लिख देते और जब भी घर छुट्टी आते तो उसे रिकॉर्ड करवा रिलीज करवा देते। अहम बात यह है कि तिलक ने जितने भी गीत गाए हैं उनका फिल्मांकन बोह घाटी में ही किया गया है।
सिद्दु शराबी के बाद तिलक ने मेरी प्यारी मोनिका व नीलम गददन गाना भी गाया था। तिलक इस बार छुट्टी आने पर भी गीत रिकॉर्ड करवाना चाहते थे, लेकिन पत्नी की डिलीवरी होने के चलते वे यह नहीं करवा पाए थे। पिछले माह पत्नी ने शाहपुर अस्पताल में एक बेटे को जन्म दिया था। तिलक ने कई गीत लिखे थे, जिन्हें रिलीजिंग की तैयारी थी, मगर आज वे हमारे बीच नहीं रहे।
तिलक राज द्वारा गाया गया आखिरी गाना...