जब तक सेब के पौधों पर रस (सैप) चलना आरंभ न हो और सेब के पेड़ चांदी कली स्थिति में न आएं इससे 15- 20 दिन पहले तौलियों में खाद डालने का काम कर लें। बागवानों को इस बात खास ध्यान रखना होगा कि तौलियों में मिट्टी भुरभूरी होने पर ही खाद डालने का काम करें।
कई हिस्सों से बागवान पूछ रहे हैं कि बगीचों में साढ़े पांच फुट तक बर्फ है। ऐसे में खाद कैसे डालें। इस पर बागवानों से कहा गया है कि बर्फ को पिघलने तक इंतजार करें। तौलियों में कीचड़ रहते खाद न डालें।
उनका कहना है कि खेतों में इस समय गेहूं और मटर की फसल उगाई है। तापमान कम होने के कारण फसलों को बढ़ना रुका हुआ है। ऐसी स्थिति में बारिश और बर्फबारी फसलों के लिए अच्छी है। तापमान बढ़ने के साथ ही फसलों का बढ़ना शुरू होगा।