कृषि उत्पाद मार्केट कमेटी चंबा में गड़बड़झाला सामने आया है। सरकार के निर्देशों की धज्जियां उड़ाते हुए राज्य सहकारी बैंक के बजाय निजी बैंक में ही लाखों रुपयों की राशि जमा कर दी। सरकार ने समितियों को साफ निर्देश दे रखे हैं कि राज्य सहकारी बैंक के माध्यम से ही लेनदेन किया जाए।
चंबा मंडी समिति ने एक राष्ट्रीयकृत बैंक में भी एफडी जमा की, जिससे लाखों रुपये के ब्याज का चूना भी लगा। मंडी समिति चंबा के आडिट में यह खुलासा हुआ है। इस खामी के बाद अब जिम्मेवार अधिकारी नप भी सकते हैं।
चंबा मंडी समिति की अनियमितता के मामले पर आडिट की प्रतियां राज्य विशेष सचिव कृषि, राज्य कृषि विपणन बोर्ड के प्रबंधक निदेशक और मंडी समिति चंबा के सचिव को भेजी हैं। यह आडिट 1 अप्रैल, 2015 से 31 मार्च, 2018 के बीच की अवधि का है।
एक राष्ट्रीयकृत बैंक में 2015 और 2017 के दौरान धनराशि जमा की गई थी। सहकारी बैंक में सावधि जमा राशि से अधिक राशि मंडी समिति को मिलनी थी, लेकिन राष्ट्रीयकृत बैंक में एफडी जमा करने से डेढ़ लाख का ब्याज कम मिला है। यह राशि एक-एक साल की अवधि के लिए जमा की थी।
इस प्रकार से मंडी समिति चंबा को ब्याज कम मिलने से आर्थिक चपत लगी है। हिमाचल प्रदेश मार्केटिंग बोर्ड के प्रबंध निदेशक डा. आरके कौंडल ने कहा कि मंडी समिति चंबा ने बीस लाख निजी बैंक में जमा किए थे। वर्तमान में सिर्फ दो लाख ही संबंधित बैंक में पड़े हैं।