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किसानों को बंदगोभी के वाजिब दाम नहीं मिले तो अपनाया ये तरीका

Thu, 13 Jul 2017 09:24 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, खराहल/ न्यूली (कुल्लू)
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सब्जी मंडियों में बंदगोभी कौड़ियों के भाव बिकने से किसान बैकफुट पर आ गए हैं। इनकी साल भर की मेहनत पर पानी फिर गया है। खेती का खर्चा भी पूरा नहीं हो रहा है।
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मजबूरन किसान या तो बंदगोभी मवेशियों को खिला रहे हैं या फिर उन्हें इसे नाले में फेंकना पड़ रहा है। कुल्लू जिले में बंदगोभी का उत्पादन अधिक होने के कारण यह समस्या आ रही है।

सब्जी मंडी में इसके रेट देखकर भी किसानों के होश उड़ रहे हैं। बुधवार को भी बंदरोल सब्जी मंडी में बंदगोभी चार रुपये किलो बिकी। सैंज घाटी की गाड़ापारली, देहुरीधार, शांघड़, सुचैहण और रैला पंचायतों में खेतों से बंदगोभी उखाड़कर फेंकी जा रही है।
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खराहल घाटी के किसान अमित, राजेश, कमल, सुरेश, चमन, देवराज आदि ने कहा कि बंदगोभी के दाम बहुत कम मिल रहे हैं। किसानों के खेती पर खर्चे पैसे भी पूरे नहीं हो रहे हैं। इन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। बताया जा रहा है पाकिस्तान को सप्लाई बंद करने से भी यह समस्या पेश आई है। 
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बरसात के चलते खराब हो रही बंदगोभी

इसका खामियाजा अब किसानों को उठाना पड़ रहा है। प्रदेश किसान सभा के उपाध्यक्ष ने सरकार तथा प्रशासन से बंदगोभी पर समर्थन मूल्य निर्धारित करने की मांग की है। उन्होंने सरकार को चेताया है कि समर्थन मूल्य निर्धारित नहीं किया गया वे तो सड़क पर उतरने से भी गुरेज नहीं करेंगे। 

बंदरोल आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान गोवर्द्धन ठाकुर के अनुसार बुधवार को डेढ़ से चार रुपये तक बंदगोभी बिकी है। कुल्लू एवं लाहौल-स्पीति मार्केटिंग कमेटी के सचिव रावघ सूद के अनुसार मंडियों में आमद अधिक आने और मांग कम होने से दाम में गिरावट आई है।

कृषि अधिकारी मनोज गौतम ने बताया कि कुल्लू जिले में एक हजार हेक्टेयर जमीन पर बंदगोभी की खेती हो रही है। बरसात के चलते भी बंदगोभी खराब हो रही है। ऐसे में गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।

यह होता है एक बीघा में खर्च
बीज 40 से 50 ग्राम, गोबर 16 क्विंटल, कैन खाद 40 किलोग्राम, सुपर फास्फेट 50 किलोग्राम, पोटाश 7 किलोग्राम सहित कीटनाशक और फफूंदनाशक सहित करीब दस से बाहर हजार खर्चा हो जाता है।    मजदूर आदि का अलग से खर्चा वहन किया जाता है। वर्तमान रेट से किसान सब्जी मंडी तक सब्जी पहुंचाने का खर्च पूरा नहीं कर पा रहे हैं। लागत पूरी नहीं हो पा रही है।
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