सब्जी मंडियों में बंदगोभी कौड़ियों के भाव बिकने से किसान बैकफुट पर आ गए हैं। इनकी साल भर की मेहनत पर पानी फिर गया है। खेती का खर्चा भी पूरा नहीं हो रहा है।
मजबूरन किसान या तो बंदगोभी मवेशियों को खिला रहे हैं या फिर उन्हें इसे नाले में फेंकना पड़ रहा है। कुल्लू जिले में बंदगोभी का उत्पादन अधिक होने के कारण यह समस्या आ रही है।
सब्जी मंडी में इसके रेट देखकर भी किसानों के होश उड़ रहे हैं। बुधवार को भी बंदरोल सब्जी मंडी में बंदगोभी चार रुपये किलो बिकी। सैंज घाटी की गाड़ापारली, देहुरीधार, शांघड़, सुचैहण और रैला पंचायतों में खेतों से बंदगोभी उखाड़कर फेंकी जा रही है।
खराहल घाटी के किसान अमित, राजेश, कमल, सुरेश, चमन, देवराज आदि ने कहा कि बंदगोभी के दाम बहुत कम मिल रहे हैं। किसानों के खेती पर खर्चे पैसे भी पूरे नहीं हो रहे हैं। इन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। बताया जा रहा है पाकिस्तान को सप्लाई बंद करने से भी यह समस्या पेश आई है।