फर्जी फोन टैपिंग मामले में फंसाए जाने के खिलाफ दर्ज मामले की जांच में जुटी सीआईडी की एसआईटी ने दो पूर्व डीजीपी के बयान दर्ज कर लिए हैं। पूर्व डीजीपी आईडी भंडारी से शिमला तो इस केस की अहम कड़ी पूर्व डीजीपी बी कमल कुमार से हैदराबाद में एसआईटी के सदस्यों ने संपर्क साधकर उनके बयान दर्ज किए हैं। आईडी भंडारी मामले में शिकायतकर्ता हैं, ऐसे में उनके बयान के आधार पर ही जांच की दिशा तय हो सकते थी। वहीं, बी कमल कुमार से इस मामले में उस अलमारी की चाभी लेने को लेकर जांच अधिकारी किसी नतीजे पर पहुंच सकते थे, जिसमें कथित तौर पर रिकॉर्डिगिं रखी बताई गई थी। खास बात यह है कि फर्जी डिग्री मामले में गठित एसआईटी में भी फर्जी फोन टैपिंग मामले की जांच में जुटी एसआईटी के सदस्य शामिल थे।