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आईजीएमसी आने वाले मरीजों के लिए बहुत बुरी खबर

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राज्य सरकार की लापरवाही से आईजीएमसी अस्पताल में ओपन हार्ट सर्जरी बंद हो गई है। अस्पताल में ऑपरेशन के लिए पहुंचे मरीजों को घर भेजा जा रहा है। केवल एक गंभीर मरीज डॉक्टरों की निगरानी में है। इस सब की वजह विभाग में तकनीशियन (प्रफ्युसनिस्ट) न होना बताया जा रहा है।
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एक मात्र प्रफ्युसनिस्ट 28 फरवरी को रिटायर हो चुके हैं। इनका काम ऑपरेशन के दौरान हार्ट लंग मशीन को ऑपरेट करना होता है। इनकी मौजूदगी के बिना ओपन हार्ट सर्जरी संभव ही नहीं है। सीटीवीएस (कार्डिक थोरेसिक वस्कुलर सर्जरी) महकमा अब तक करीब डेढ़ हजार सफल ओपन हार्ट सर्जरी कर चुका है।

राज्य सरकार ने नहीं दिखाई गंभीरता

राज्य सरकार के स्कूल हेल्थ प्रोग्राम के तहत 60 बच्चों की निशुल्क सर्जरी भी यहीं हुई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत करीब 500 मरीजों की मुफ्त ओपन हार्ट सर्जरी भी की जा चुकी है। विभाग में केवल तीन प्रफ्युसनिस्ट थे। ये तीनों रिटायरमेंट के करीब थे तो विभाग की ओर से कॉलेज प्रिंसिपल और स्वास्थ्य शिक्षा निदेशक को लिखित में अवगत करवाया गया।


लेकिन किसी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। महकमे के पास केवल एक प्रफ्युसनिस्ट रह गया तब भी हुक्मरानों को आगाह किया, लेकिन किसी की नींद नहीं टूटी। लिहाजा, आखिरी प्रफ्युसनिस्ट भी 28 फरवरी को रिटायर हो गया जिससे यह नौबत आई है।
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चहेतों को मिलता है सेवा विस्तार

ऐसे कई मामले सामने आए हैं जिसमें सरकार के नजदीकी लोग रिटायरमेंट के समय सेवा विस्तार ले लेते हैं या किसी बड़े पद पर सरकार के आशीर्वाद से आसीन हो जाते हैं। लेकिन इस मामले में एकमात्र कर्मचारी को न सेवा विस्तार दिया और न ही रोगी कल्याण समिति के तहत नियुक्ति दी।

आईजीएमसी के प्रिंसिपल प्रोफेसर एसएस कौशल ने कहा कि ओपन हार्ट सर्जरी के दौरान प्रफ्युसनिस्ट की महत्वपूर्ण भूमिका है। इनके बिना ऑपरेशन करना मुमकिन नहीं। जल्द ही इसका इंतजाम किया जाएगा।

स्वास्थ्य शिक्षा निदेशक डॉ. जय श्री ने कहा कि इस बारे में राज्य सरकार को लिखित में जानकारी दे दी गई है। वहां से मंजूरी मिलते ही प्रफ्युसनिस्ट की तैनाती कर दी जाएगी। जल्द ही ऑपरेशन शुरू कर दिए जाएंगे।
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