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Shimla News: छात्रवृत्ति योजना के आवेदनों की सत्यापन तिथि को बढ़ाएं

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एसएफआई का शिक्षा निदेशक से आग्रह
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बोले, कई छात्र आवेदनों में दूर नहीं कर पाए हैं त्रुटियां
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। एसएफआई ने केंद्र सरकार की राष्ट्रीय छात्रवृत्ति योजना के आवेदनों के सत्यापन की तिथि को बढ़ाने की मांग की है। स्कूल, कॉलेजों और विश्वविद्यालय में पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं को यह छात्रवृत्ति दी जाती है। एसएफआई के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को उच्च शिक्षा निदेशक डाॅ. अमरजीत कुमार शर्मा से उनके कार्यालय में मुलाकात।

एसएफआई के राज्य अध्यक्ष अनिल ठाकुर की अगुवाई में मिले छात्र संगठन नेताओं ने मांगपत्र में कहा कि राष्ट्रीय छात्रवृत्ति योजना के त्रुटिपूर्ण आवेदन पत्रों के सत्यापन की तिथि न बढ़ाए जाने से कई विद्यार्थियों से छात्रवृत्ति पाने का मौका निकल जाएगा। इसलिए आवेदनों की शिक्षण संस्थान के स्तर पर सत्यापन करने की तिथि बढ़ाई जाए। कहा कि राष्ट्रीय छात्रवृति योजना के तहत मिलने वाली छात्रवृति की आवेदन करने की अंतिम तारीख 18 दिसंबर थी जिन छात्रों के आवेदन में कोई त्रुटि या खामियां रह गई थीं उनके आवेदन में सुधार करने की तिथि 28 दिसंबर थी। लेकिन हिमाचल की भौगोलिक स्थिति और इंटरनेट की सेवाओं में आने वाली दिक्कतों के चलते छात्र त्रुटियों और खामियों को पूरा नहीं कर पाए। शिक्षा विभाग में पीजी की कक्षाएं देरी से शुरू हुईं। 19 नवंबर से शुरू हुई कक्षाओं के बाद पीजी कक्षाओं की तीसरी सूची 26 नवंबर को आई थी। इसके चलते शिक्षा विभाग का सत्र देरी से शुरू हुआ।
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ठाकुर ने कहा कि शिक्षण संस्थान से त्रुटिपूर्ण आवेदन को ठीक करने से दो दिन पहले पूर्व प्रधानमंत्री के निधन के चलते सभी शिक्षण संस्थानों में अवकाश घोषित रहा इस कारण छात्र त्रुटियों को ठीक नहीं कर पाए। एसएफआई के राज्य उपाध्यक्ष सन्नी सेक्टा ने कहा कि शिक्षण संस्थान के स्तर पर अगर छात्रवृति आवेदन सत्यापित नहीं हुए तो अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति, आर्थिक रूप से कमजोर सहित अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्र छात्रवृति लेने से वंचित रह जाएंगे। उन्होंने निदेशक से कहा कि अन्य प्रदेशों में भी सत्यापन की तिथि को प्रदेश के स्तर पर छात्रों की परेशानी को देखते हुए बढ़ाया जाता है। इसलिए प्रदेश में भी सत्यापन की तिथि को बढ़ाया जाए।
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