शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के हिंदी विभाग में आयोजित राष्ट्रीय शोध प्रविधि कार्यशाला के दूसरे दिन शोध की व्यावहारिक तकनीकों पर चर्चा हुई। कार्यक्रम का संचालन विभागाध्यक्ष डॉ. भवानी सिंह के निर्देशन में हुआ जबकि समन्वयक डॉ. नरेश कुमार और सह-समन्वयक डॉ. सुनीता ठाकुर ने सत्रों का संचालन किया। इस दौरान डॉ. शोभा रानी और डॉ. पूनम दुल्टा भी मौजूद रहीं। उन्होंने कहा कि शोध में तार्किक विश्लेषण और भाषा की शुद्धता से ही गुणवत्ता सुनिश्चित होती है। संवाद