हिमाचल के जिला लाहौल-स्पीति में महाभारत काल के इतिहास को संजोए इस मंदिर का वजूद खतरे में है। जी हां भूकंप के झटकों और अन्य कारणों से माता मृकुला देवी मंदिर का गर्भगृह 20 डिग्री तक झुक गया है। मंदिर पुरातत्व विभाग के अधीन है। ऐसे में स्थानीय मंदिर कमेटी और प्रशासन के हाथ खड़े हैं।
मंदिर के भीतर सीलिंग और दीवारों पर लकड़ी पर उकेरी गई काष्ठ कला सड़कर गिरना शुरू हो गई है। लकड़ियों को उकेर कर रामायण और महाभारत के पूरे इतिहास को जीवंत किया गया है। यह चित्र पुरातत्व और धार्मिक इतिहास के लिहाज बेहद महत्वपूर्ण हैं।
मंदिर का एक कोना धंस भी रहा है। मंदिर की हालत सुधारने की मांग स्थानीय लोग कई बार उठा चुके हैं। मंदिर के पुजारी दुर्गा दास ने बताया कि गर्भगृह का एक हिस्सा झुक जाने से मंदिर के वजूद को ही खतरा पैदा हो गया है।
इधर, विधायक रवि ठाकुर ने कहा कि मंदिर की मरम्मत को लेकर विधानसभा में मामला उठा चुके हैं। इसके बाद पुरातत्व विभाग की टीम ने मंदिर का दौरा किया। ठाकुर ने बताया कि मंदिर की हालत खस्ता है।