बैंटनी कैसल में शिमला आर्ट फेस्टिवल का समापन, 1,200 चित्रकारों ने लिया भाग
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के ऐतिहासिक बैंटनी कैसल में शिमला आर्ट फेस्टिवल का रविवार को समापन हुआ। तीन दिन चित्रकारों के चित्रों की प्रदर्शनी लगाई गई। एचपीयू प्रदर्शन एवं दृश्य कला संकाय के डीन प्रो. हिम चटर्जी ने बतौर मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।
तमिलनाडु से आए चित्रकार अशोक ने अपनी चित्रकारी में हिमाचल की संस्कृति को प्रदर्शित किया। महिला और पुरुष हिमाचली वेशभूषा में नाटी करते हुए दर्शाए गए हैं। अशोक ने कहा कि शिमला की संस्कृति के बारे में गहराई से जानना चाहता था, इसलिए आर्ट फेस्टिवल के लिए खास तौर पर इस चित्र को बनाने का चयन किया। फेस्टिवल में लोगों के मुख्य आकर्षण का केंद्र यह चित्र बना रहा। इसके अलावा ऊना के कलाकार ने मिट्टी से चित्रकारी कर पुराने घरों को दर्शाया। कहा कि पहले पुराने जमाने जब लोग मिट्टी से बने घरों में रहते थे, तो उनसे मिट्टी की भीनी-भीनी महक आती थी। उनमें चिड़ियां भी घोंसला बनाकर रहती थीं। आज के जमाने में सीमेंट और इंटों से बने घरों में चिड़ियां भी रहना पसंद नहीं करतीं। इसके अलावा अन्य कलाकारों ने पर्यावरण, प्रदूषण, प्रकृति, नशा, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ सहित अन्य कई विषयों पर चित्रकारी की।
राज्य संग्रहालय और भाषा एवं संस्कृति विभाग की ओर से आयोजित शिमला आर्ट फेस्टिवल में तीन दिनों में 1,200 से ज्यादा चित्रकारों ने अपनी प्रतिभा दिखाई। इनमें देशभर से आए 32 वरिष्ठ कलाकारों सहित बाहर से आए सैलानियों, शहर के स्कूलों और कॉलेजों के विद्यार्थियों ने भाग लिया। मुख्य अतिथि ने चित्रों का अवलोकन किया और सराहना की। इस अवसर पर राज्य संग्रहालय के अध्यक्ष डॉ. हरी चौहान, सोलन फाइन आर्ट डिग्री कॉलेज के प्रोफेसर चमन शर्मा, मंडी फाइन आर्ट कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. मुजीब हुसैन, राज्य संग्रहालय से नीरज, अंजना, विकास बनियाल सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।