भूतपूर्व सैनिक लीग के प्रदेशाध्यक्ष मेजर विजय सिंह मनकोटिया ने कहा कि जेएनयू दिल्ली में आतंकियों के नारे लगाने वाली घटना कलंकित करने वाली है। देश की सरहदों की रक्षा करने पर सियाचिन में अपनी जान देने वाले जवानों के पार्थिव शरीर अभी सियाचिन की 21 हजार फुट ऊंची चोटियों पर हैं।
लेकिन, अफसोस कि जेएनयू में अफजल जैसे आतंकियों के नारे लग रहे हैं, जो शर्मनाक घटना है। पालमपुर में भूतपूर्व सैनिक लीग के वार्षिक सम्मेलन में मनकोटिया ने कहा कि जो पाक के लिए सॉफ्ट कार्नर रखते हैं, वे भारत की नागरिकता छोड़ सरहद पार कर पाकिस्तान चले जाएं।
देश के दुश्मनों को यहां जगह नहीं है। शहीदों की कुर्बानियों को सदैव याद रखें। इनकी कुर्बानियों की वजह से 15 अगस्त पर तिरंगा लहराता है। संसद में कोई भी सैनिकों के लिए आवाज नहीं उठता है। प्रधानमंत्री मोदी ने वन रैंक, वन पेंशन लागू किया। यह उनका चुनावी वायदा था जो निभाया।
लेकिन, अभी भी इसमें जो खामियां हैं, उन्हें पूरा करने के लिए संघर्ष जारी रहेगा। राजनीति पर इस समय अफसरशाही पूरी तरह हावी हो चुकी है। ये लोग सरकार को अंधेरे में रखते हैं। प्रदेश में सेना भर्ती कोटे को बढ़ाया जाए।
पालमपुर लीग के अध्यक्ष सीडी सिंह गुलेरिया ने भी इस अवसर पर अपने विचार रखे। इस मौके पर भूतपूर्व सैनिक वीरचक्र प्राप्त गोवर्धन राणा, बेनी प्रसाद, कुलदीप राणा समेत कई पूर्व सैनिक मौजूद थे।