पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर पलटवार किया है। धर्मशाला में प्रेस वार्ता में कहा कि राजनीति का स्तर हमने नहीं, बल्कि वीरभद्र सरकार के काले कारनामों ने गिराया है। हम वीरभद्र सरकार को एक्सपोज कर रहे हैं। इसलिए वे बेमतलब की बातें कर रहे हैं। कहा कि वीरभद्र सरकार से एक राजधानी तो संभलती नहीं है। सीवरेज का बिना ट्रीट किया पानी सरकार ने शिमला के लोगों को पिला दिया। 32 हजार लोग बीमार हुए और 32 लोगों की मौत हो गई।
युग हत्याकांड में नरकंकाल पानी के टैंक में लंबे समय से पड़ा रहा। कागजों में पेयजल टैंक साफ किया गया, लेकिन असलियत में कुछ और निकला। क्या हिमाचल दो राजधानियों का बोझ ढो सकता है। 10 पैसे की नोटिफिकेशन से क्या राजधानी बन जाती है। राजधानी बनानी है तो पूरी राजधानी धर्मशाला शिफ्ट होनी चाहिए।
धूमल ने कहा कि विकास के मामले में प्रदेश के पिछड़ने के लिए कांग्रेस सरकार जिम्मेदार है। मोदी सरकार ने 14वें वित्त आयोग में हिमाचल को दोगुना पैसा दिया है। अटल सरकार ने हिमाचल को वर्ष 2002 में 10 साल के लिए औद्योगिक पैकेज दिया था, लेकिन यूपीए सरकार की कैबिनेट में वीरभद्र सिंह और आनंद शर्मा की मौजूदगी में यह पैकेज वापस ले लिया गया। हिमाचल को विशेष राज्य श्रेणी का दर्जा दिया था, वह भी यूपीए सरकार ने छीन लिया था।
इसे मोदी सरकार ने बहाल किया। मोदी सरकार प्रदेश का विकास चाहती है, लेकिन खुद प्रदेश सरकार इसमें रोड़ा अटका रही है। सरकार कर्ज के जाल में फंसी है। वर्तमान में हर हिमाचली पर करीब 55 हजार रुपये कर्जा है। इस दौरान प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सत्ती, प्रदेश मीडिया सह प्रभारी राकेश शर्मा, एचपीसीए प्रवक्ता संजय शर्मा भी मौजूद रहे।
चिंतपूर्णी मंदिर व कांगड़ा बैंक में किसके बदले नोट: धूमल
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता विपक्ष प्रेम कुमार धूमल ने वीरभद्र सरकार पर हमले तेज करते कहा है कि नोटबंदी के बाद शक्तिपीठ चिंतपूर्णी मंदिर और केसीसी बैंकों में किसके नोट बदले गए, सरकार यह स्पष्ट करे। भाजपा के माफिया राज हटाओ-हिमाचल बचाओ अभियान की कड़ी में वीरवार को इंदौरा विस क्षेत्र के तौकी में आयोजित जनसभा में धूमल ने कहा कि सरकार स्वयं नोट बदलने का माफिया और ट्रांसफर माफिया बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस राज में पुलिस से बेइंसाफी हो रही है। कांस्टेबल को 8 साल के लिए ठेके पर रखा जा रहा है। धूमल ने कहा कि मुख्यमंत्री के अपने क्षेत्र में देवदार के पेड़ काटे गए और रिपोर्ट में झाडिय़ां दर्शाया गया। तहसीलदारों के 38 पद व नायब तहसीलदार के 31 पद रिक्त हैं जबकि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह तहसीलें और एसडीएम कार्यालय खोल रहे हैं।
उन्होंने लोगों को आश्वस्त किया कि भाजपा सरकार बनने पर व्यास नदी का तटीकरण किया जाएगा। जनसभा में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतपाल सत्ती ने कहा कि कहा कि राहुल गांधी जहां भी चुनाव प्रचार करते हैं तो बहुमत नहीं मिलता और विदेश जाते हैं तो बहू नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अवैध कटान व खनन माफिया राज से छुटकारा दिलाने के लिए भाजपा ने माफिया राज हटाओ, हिमाचल बचाओ अभियान चलाया है।
वहीं, इंदौरा भाजपा नेत्री और प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रीता धीमान ने कहा कि इंदौरा के विधायक मनोहर धीमान ने विकास के नाम पर क्षेत्र को पीछे धकेला है। विस चुनावों में उन्हें हिसाब देना होगा कि चंद लोगों के हितों को छोड़कर उन्होंने क्षेत्र के लिए क्या किया है।
दूसरी राजधानी की अधिसूचना से भाजपाई बौखलाए: कांग्रेस
अन्य पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष चंद्रकुमार चौधरी, प्रदेश योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष गंगूराम मुसाफिर, बीस सूत्रीय कार्यक्रम कार्यान्वय समिति के अध्यक्ष रामलाल ठाकुर और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने भाजपा नेताओं पर आरोप लगाए हैं।
कहा है कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की ओर से धर्मशाला को राज्य की दूसरी राजधानी बनाने की घोषणा करने और राज्य मंत्रिमंडल से इसे मंजूरी देकर इसकी अधिसूचना जारी होने से भाजपा नेता बौखला गए हैं। धर्मशाला को हिमाचल की दूसरी राजधानी घोषित करने का सरकार का मुख्य उद्देश्य राज्य के निचले क्षेत्रों के लोगों को उनके घर-द्वार प्रशासन उपलब्ध करवाना और राज्य को भावनात्मक रूप से एक करना है।
मुख्यमंत्री की केवल यही मंशा रही है कि चंबा, कांगड़ा, ऊना और हमीरपुर जिलों के सुदूरवर्ती क्षेत्रों के लोगों को अपने शासकीय एवं प्रशासकीय कार्र्यों के लिए शिमला नहीं आना पड़ेगा। कांगड़ा जिला धार्मिक एवं साहसिक पर्यटन के लिए प्रसिद्ध है। यहां
पर्यटन की अपार संभावनाओं के चलते इसका समुचित दोहन करना भी सरकार की प्राथमिकताओं में है। सीएम साफ कर चुके हैं कि न तो शिमला से कोई भी कार्यालय धर्मशाला स्थानांतरित नहीं किया जाएगा और न ही वहां से स्टाफ का तबादला किया जाएगा। इसको लेकर अलग से अधोसंरचना विकसित होगी।