आईजीएमसी के विशेषज्ञों ने दिए स्वस्थ रहने के टिप्स
40 से 60 साल की आयु वाले लोग ज्यादा हो रहे शिकार
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। बुजुर्गों के अलावा युवाओं में भी हार्ट अटैक (हृदयघात) की समस्या अधिक देखने को मिल रही है। जिले के अस्पतालों में हर माह औसतन 35 लोग हार्ट अटैक के बाद उपचार करवाने पहुंच रहे हैैं। आईजीएमसी के ह्रदय रोग के विभाग के अध्यक्ष डॉ. पीसी नेगी ने यह जानकारी दी।
ह्रदय रोग विभाग के विशेषज्ञ चिकित्सकों का कहना है कि शिमला में 40 साल से 60 साल की आयु के लोगों को हार्ट अटैक की ज्यादा समस्या है। आईजीएमसी के ह्रदय रोग के विभाग के अध्यक्ष डॉ. पीसी नेगी ने बताया कि सिविल अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर उपचार की पूरी व्यवस्था है, ऐसे में लोगों की मृत्यु कम हुई है। बताया कि विभाग ने 20 ऐसे केंद्र चिह्नित किए हैं जहां पर हार्ट अटैक होने पर मरीज को प्राथमिक उपचार की सुविधा उपलब्ध है।
सीने में दर्द तो हो जाएं सतर्क
आईजीएमसी के ह्रदय रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. पीसी नेगी ने बताया जिन लोगों को सीने में दर्द है और दर्द बाजू में फैल गया है और ठंडे पसीने आ रहे हैं या फिर अचानक से उल्टी तथा चक्कर आता है तो वह तुरंत अस्पताल जाकर चेकअप करवाएं। इसके अलावा शुगर, बीपी और कोलेस्ट्राल को भी कंट्रोल रखें। इसके अलावा रोज व्यायाम करें ताकि हृदय रोगों से दूर रहें।
चिकित्सकों की सलाह पर करें अमल
आईजीएमसी के ह्रदयरोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. पीसी नेगी ने बताया कि कई बार मरीज उपचार के बाद ठीक हो जाते और दवाई छोड़ देते हैं। ऐसे लोगों को दोबारा हार्ट अटैक होता है। दोबारा हार्ट अटैक न हो इसलिए डॉक्टर द्वारा जो सलाह दी है, उसे हमेशा ध्यान में रखें। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ब्लॉक स्तर पर अस्पतालों को मजबूत करें जिससे मौके पर ही लोगों को उपचार मिल सके।