सुन्नी डिग्री कॉलेज में चिट्टा मुक्त अभियान में उपायुक्त अनुपम कश्यप ने किया आह्वान, बोले-युवाओं की नशे की गर्त में जाना घातक
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कार्यक्रम में युवाओं को दी नशे से दूर रहने की सलाह
अमर उजाला ब्यूरो
सुन्नी/शिमला। सुन्नी डिग्री कॉलेज में वीरवार को चिट्टा मुक्त हिमाचल अभियान के तहत विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि युवा अगर स्वस्थ नहीं होंगे तो समाज के लिए यह अच्छा नहीं है। उन्होंने कहा कि हर बच्चा पांच बच्चों को नशे से दूर रहने के लिए जागरूक करेगा।
नशे के कारण युवा पीढ़ी का स्वास्थ्य बिगड़ रहा है। प्रदेश में चिट्टे के मामलों में पिछले एक दशक में इजाफा हुआ है। जिला शिमला में इसके खिलाफ पुलिस ने मिशन भरोसा लांच किया है। इसके तहत बड़े-बड़े अंतरराज्यीय चिट्टा तस्करों को सलाखों के पीछे पहुंचाया है। बच्चों को नशे से दूर रहकर शिक्षा और खेलों के प्रति अपनी ऊर्जा को लगानी चाहिए। नशे को अपने जीवन का हिस्सा न बनने दें। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि नशे के कारोबार में संलिप्त लोगों की सूचना प्रशासन के ध्यान में लाएं।
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उन्होंने कहा कि अब तो प्रदेश सरकार ने चिट्टे के खिलाफ सूचना देने के लिए इनाम राशि की घोषणा भी कर दी है। प्रदेश सरकार चिट्टा मुक्त हिमाचल के लिए दृढ़ संकल्प है। सरकार ने नशे के विरुद्ध कानूनों को सख्त किया है। नशे के कारोबार से अर्जित संपत्ति को जब्त किया जा रहा है और कई अवैध संपत्तियों को तोड़ा गया है। उपायुक्त ने कहा कि हर बच्चा और युवा अपने आसपास के पांच बच्चों को नशे के खिलाफ जागरूक करेगा। उन्होंने युवाओं से अपील की कि उन्हें चिट्टे से खुद भी दूर रहना है और अपने आसपास के बच्चों को भी दूर रखना है। किसी के लालच में आकर चिट्टे की डोज न लें। बच्चे अपने जीवन के शिल्पकार स्वयं है। इसलिए अपने जीवन को समाज और राष्ट्र हित के तौर पर निर्मित करें।
नशा दुर्गति का कारण : एसएसपी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) संजीव कुमार गांधी ने कहा कि हमारा जीवन हमेशा चुनौतियों भरा रहा है। हर मां-बाप के बच्चों के बड़े-बड़े सपने होते हैं। इन सपनों को पूरा करने के लिए माता-पिता खूब मेहनत करते हैं, लेकिन दुख तब होता है जब बच्चे गलत राह पर चल पड़े और अपना भविष्य अंधकारमय कर लें। बच्चों को अपने परिजनों को दुख नहीं देना चाहिए। बच्चों को मां-बाप की किसी भी प्रकार की चिंता का कारण नहीं बनना चाहिए। सोशल मीडिया के दौर में युवा पीढ़ी पूरी तरह से इस पर निर्भर है। सोशल मीडिया पर मौजूद हर सूचना सही नहीं होती है। नशे के आदी व्यक्ति का कभी विकास नहीं होता है और समाज में भी उनकी प्रतिष्ठा में नहीं रहती। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी प्रोटोकॉल ज्योति राणा ने कहा कि नशे की ओवरडोज के कारण युवाओं की मौत के मामले आए दिन बढ़ रहे है। नशे की पूर्ति के लिए युवा अपराध और देह व्यापार में लिप्त हो रहे हैं। इस मौके पर एसडीएम सुन्नी राजेश वर्मा, कॉलेज प्रधानाचार्य धर्मेंद्र, कॉलेज स्टाफ और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।