शिमला। गेयटी थियेटर के गौथिक हॉल में शास्त्रीय संगीत की संध्या 10 जनवरी को होगी। हॉल में इस अवसर पर पर्वतनाद के तहत शनिवार को दोपहर 3:00 से 5:00 बजे तक दागरवाणी शैली के प्रतिष्ठित साधक निलोय अहसान एकल ध्रुपद गायन की प्रस्तुति दी जाएगी। ध्रुपद भारतीय शास्त्रीय संगीत की सबसे प्राचीन जीवित परंपराओं में से एक है। यह अपनी ध्यानात्मक गहराई और आध्यात्मिक तीव्रता के लिए जाना जाता है। इस अवसर पर शास्त्रीय संगीत के ज्ञाता निलोय अहसान के साथ तानपुरे पर अपराजिता चक्रवर्ती और अंकित भोला साथ देंगे। द कोलैक्टिव शिमला (एक स्वतंत्र सांस्कृतिक पहल) इसका आयोजन करेगी। संवाद