चार साल पहले सीआईडी ने टेक्नोमैक कंपनी के प्रबंधन के खिलाफ कर चोरी और बिजली बिल घोटाले से संबंधित दो मामले दर्ज किए थे। शुरुआत में जांच ठंडी रही, लेकिन पिछले दो साल में सीआईडी ने दोनों ही मामलों में करीब दो दर्जन लोगों को नामजद करते हुए सिरमौर की स्थानीय कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी।
इस चार्जशीट में बैंक लोन के घपले की बात सामने आई, जिसके बाद हिमाचल पुलिस से जानकारी मिलने पर प्रवर्तन निदेशालय ने मामले में जांच शुरू कर दी। माना जा रहा है कि इस मामले में जेल में बंद कंपनी के आरोपी कर्मचारियों और फरार चल रहे एमडी राकेश शर्मा पर ईडी अपना शिकंजा कस सकता है।