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मंत्री के निशाने पर अपनी ही पार्टी के पदाधिकारी, उठा दिए सवाल

Fri, 29 Jun 2018 12:35 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मंडी
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विधानसभा चुनावों में ऐन मौके पर कांग्रेस का दामन छोड़ भाजपा का दामन थामकर हिमाचल में सियासी भूचाल लाने वाले सुखराम के बेटे ऊर्जा मंत्री अनिल शर्मा ने पार्टी के ही कुछ पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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सदर भाजपा मंडल के साधारण अधिवेशन की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने यह तक कह डाला कि कांग्रेस कार्यकाल में वीरभद्र सरकार के करीबी रहे अफसरों के तबादलों की उनकी सिफारिश को यहां के कुछ भाजपाई ही सीएम कार्यालय में जाकर रोक रहे हैं। यह कतई बर्दाश्त नहीं होगा। ऐसे पदाधिकारियों से सख्ती से निपटा जाएगा।

गौर हो कि मंडी सदर सुखराम परिवार का गढ़ रहा है। अब तक चुनावों में महज अढ़ाई साल ही यह परिवार सत्ता से बाहर रहा है। 2017 के विधानसभा चुनावों में आचार संहिता लगने से ठीक पहले पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर सुखराम परिवार की अनदेखी का आरोप लगाते हुए उन्होंने परिवार के साथ पार्टी से किनारा करके भाजपा का दामन थाम लिया था।
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उस वक्त अनिल शर्मा वीरभद्र सरकार में पशुपालन मंत्री की कुर्सी पर आसीन थे। वीरवार को विश्वकर्मा मंदिर परिसर में सदर मंडल भाजपा के साधारण अधिवेशन में तबादलों को लेकर खूब तल्खी दिखाई।

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कोताही बर्दाश्त नहीं होगी

वहीं सीएम की तारीफों के पुल बांधते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मंडी जिले से हैं। 1900 करोड़ की पर्यटन विकास योजना प्रदेश के लिए लेकर आए हैं जिससे अनछुए पर्यटन स्थलों को विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। सरकारें कार्यकर्ताओं के दम पर बनती हैं और यह जरूरी है कि प्रत्येक कार्यकर्ता का मान सम्मान हो।

अधिवेशन की अध्यक्षता मंडलाध्यक्ष मुनीष कपूर ने की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि सरकार और संगठन पूरे तालमेल के साथ काम कर रहे हैं और सदर विधानसभा क्षेत्र को विकास के लिहाज से अग्रणी बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने उपस्थित सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे सरकार की 6 माह की उपलब्धियों को घर-घर तक पहुंचाएं। इस मौके पर मंडी जिला भाजपा के अध्यक्ष रणवीर सिंह और नगर परिषद की अध्यक्ष सुमन ठाकुर सहित अन्य पदाधिकारी और सदस्य भी मौजूद रहे। 

निष्क्रिय पदाधिकारियों को करो बाहर- मंत्री अनिल शर्मा ने निष्क्रिय पदाधिकारियों को हटाने के निर्देश दे दिए।  उन्होंने मंडलाध्यक्ष को स्पष्ट कहा कि यदि कोई पदाधिकारी अपने पद का सही ढंग से निर्वहन नहीं कर रहा है तो उसके स्थान पर दूसरे कार्यकर्ता को मौका दिया जाए। अनिल शर्मा ने कहा कि संगठन को चलाने के लिए चेहरा नहीं बल्कि कर्मठ कार्यकर्ता चाहिए।

ऊर्जा मंत्री अनिल शर्मा ने कहा कि बैठक में उन्होंने दो टूक कहा है कि ऐसी कोताही बर्दाश्त नहीं होगी। कुछ भाजपा के कार्यकर्ता और पदाधिकारी उनकी सरकारी अफसरों के तबादलों की सिफारिश को सीएम कार्यालय पहुंचकर रुकवा रहे हैं।

यह वही अफसर हैं, जो कांग्रेस को फुल स्पोर्ट करते हैं। अभी भी सरकारी तंत्र में कांग्रेसियों को ही स्पोर्ट कर रहे हैं। ऐसे लोगों को ढूंढकर उन्हें सबक सिखाने का समय आ गया है। कोताही बर्दाश्त नहीं होगी।
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