पीएंडटी कॉलोनी, रुल्दूभट्ठा, भराड़ी में कार्रवाई की तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी शिमला के लालपानी में सड़क किनारे वन भूमि पर अवैध रूप से चल रहे कारोबार और इसके लिए बनाए अवैध ढांचों को गिराने के साथ ही वन विभाग ने वन भूमि को कब्जा मुक्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
वन विभाग ने न्यायालय के आदेश की पालना करते हुए शहर में दर्जनों स्थानों पर कब्जाई गई वन भूमि को छुड़ाने की तैयारी कर ली है। वन मंडल अधिकारी शिमला शहरी के कोर्ट में ऐसे कई मामले विचाराधीन हैं। शिमला शहर में लालपानी, पीएंडटी कॉलोनी, रुल्दूभट्ठा, भराड़ी सहित ऐसे बहुत रिहायशी क्षेत्र हैं, जहां पर लोगों ने वन भूमि पर कब्जा कर अवैध ढांचे बनाए हुए हैं। विभाग को वन भूमि से कब्जे हटाने के लिए कार्रवाई करना जरूरी हो गई है, न्यायालय ने इसको लेकर आदेश दिए हैं। जिला शिमला के सेब बाहुल क्षेत्रों में वन भूमि में अवैध कब्जे कर लगाए गए बगीचों के साथ ही शिमला शहर में वन भूमि पर हुए कब्जों को विभाग को हटाना पड़ेगा। अब शिमला शहर में हुए ऐसे अवैध कब्जों को हटाने में मुख्य समस्या यह है कि यहां बहुत से स्थान ऐसे हैं, जहां पर लोग वन भूमि पर ढारे बनाकर रह रहे हैं। इन अवैध कब्जों को हटाना विभाग के लिए मुश्किल भी होगा क्योंकि इस जमीन पर लोगों ने घर बना रखे हैं। वन विभाग किसी भी तरह की चूक नहीं करना चाहता, इसलिए कानूनी प्रक्रिया पूरा करने के बाद ही आगे बढ़ेगा ताकि विभाग की इस कार्रवाई पर कोई सवाल खड़े न हो।