इस अवसर पर स्टेट कार्यकारिणी के उपप्रधान अरुण धीमान, कपिल राघव, सुभाष शर्मा, नित्यानंद, महेश कुमार, मोती नेगी, राज्य संगठन सचिव भिंदर, संयुक्त राज्य सचिव अजय राणा, पंकज शर्मा, अशोक ठाकुर, सीआर ठाकुर, वेद प्रकाश, मुख्य संयोजक जगदेव चौहान, मुख्य सलाहकार राजिंद्र स्वदेशी,
मुख्य प्रवक्ता कुशाल शर्मा, महिला विंग प्रदेश अध्यक्ष सीमा चौहान, राज्य महिला विंग सचिव ज्योतिका मेहरा, मंडी के प्रधान प्रदीप ठाकुर, सोलन प्रधान श्याम लाल गौतम, कुल्लू प्रधान विनोद वौद्ध, बिलासपुर प्रधान राजिंद्र कुमार वर्धन, हमीरपुर प्रधान राकेश
कुमार, किन्नौर जिला प्रधान वीरेंदर जिंतु, ऊना के प्रधान कमल चौधरी, सिरमौर के प्रधान सुनील तोमर आदि मौजूद रहे। डॉ. संजीव गुलेरिया ने कहा कि यदि सरकार ने जल्द ही पुरानी पेंशन स्कीम को बहाल नहीं किया तो लोकसभा चुनाव में कर्मचारी सभी चारों सीटों से अपने उम्मीदवार उतारेंगे।
उन्होंने कहा कि महासंघ ने फैसला लिया है कि नोटा को दबाने के बजाय कर्मचारी अपने ही किसी साथी को वोट डालने की अपील करेंगे, जिससे प्रदेश सरकार को कर्मचारियों की ताकत का एहसास हो सके।
जोरावर स्टेडियम में सुबह से शुरू हुआ नारेबाजी का सिलसिला शाम तक जारी रहा। मुख्यमंत्री से मिलकर लौटे महासंघ के नेताओं ने अन्य कर्मियों को सीएम की ओर से दिए गए आश्वासन के बारे में बताया। इससे कर्मचारी संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने तपोवन रोड़ पर चक्का जाम का प्रयास किया। इस पर स्थिति को तनावपूर्ण देखे हुए करीब अतिरिक्त पुलिस बल बुलाना पड़ा।
कर्मचारियों को एनपीएस के तहत ही मिलेगी पेंशन
प्रदेश सरकार 15 मई 2003 के बाद भर्ती सभी कर्मचारियों को नई पेंशन योजना के तहत ही पेंशन प्रदान करेगी। सुजानपुर के विधायक राजिंद्र राणा और ठियोग के विधायक राकेश सिंघा के सवाल के लिखित जवाब में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बताया कि कंट्रीब्यूटरी पेंशन स्कीम को न्यू पेंशन स्कीम कहा जा रहा है।
पुरानी पेंशन बहाली को बनेगी कमेटी: सीएम
मुख्यमंत्री के आश्वासनों से आहत महासंघ ने जोरावर स्टेडियम में रात्रि करीब सवा सात बजे मुख्यमंत्री के काफिले को रोका। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कर्मचारी संघ को आश्वासन दिया कि एक माह में पुरानी पेंशन की बहाली को कमेटी बनेगी। यह कमेटी दो माह में फैसला लेगी। इस कमेटी में एनपीएस महासंघ के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।